भाजपा का सवाल, तृणमूल को समर्थन देने वाले तेजस्वी और अन्य नेता बाहरी क्यों नहीं हैं?
By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 03, 2021
कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को
तृणमूल कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह तृणमूल का समर्थन कर रहे राजद नेता
तेजस्वी यादव और
पश्चिम बंगाल से बाहर की अन्य पार्टियों के नेताओं को उसी प्रकार बाहरी कहेंगे जैसे भाजपा के नेताओं को कहा जा रहा है।
भाजपा प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कोविड-19 महामारी के दौरान एमएसएमई क्षेत्र के बारे में भ्रामक जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली मुस्लिम मौलवी अब्बास सिद्दीकी नीत पार्टी इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) जैसी विभाजनकारी ताकतें इसलिए उभर कर सामने आई हैं क्योंकि तृणमूल कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है।
भट्टाचार्य ने कहा कि यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात कर बिहार के मूल निवासियों से तृणमूल को वोट देने के लिए कहा जो आचार संहिता का उल्लंघन है। हालांकि भट्टाचार्य ने सीधे तौर पर यादव का नाम नहीं लेते हुए उन्हें “जेल में बंद राजद नेता और पूर्व मुख्यमंत्री का पुत्र ” कह कर संबोधित किया। उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हम सुन रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के एक नेता भी तृणमूल को नैतिक समर्थन देने का संकल्प लेने के बाद राज्य में आ रहे हैं। इसी तरह से राकांपा नेता शरद पवार के भी आने की उम्मीद है।” ‘उत्तर प्रदेश के नेता’ से भट्टाचार्य का इशारा समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव की ओर था।