By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 05, 2026
नयी दिल्ली, पांच सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तेलंगाना में वन मंत्री कोंडा सुरेखा को मंत्रिपरिषद से हटाए जाने को लेकर शनिवार को कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस कदम से पता चलता है कि पार्टी राजनीति में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के खिलाफ है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बृहस्पतिवार को सुरेखा को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से बर्खास्त कर दिया। यह कार्रवाई सुरेखा की बेटी की ओर से मुख्यमंत्री और अन्य लोगों के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर उठे विवाद के बीच की गई।
त्रिवेदी ने कहा, ‘‘राहुल गांधी के अलावा खरगे भी इस मुद्दे पर चुप हैं, जबकि उन्होंने हाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग की थी।’’ भाजपा के राज्यसभा सदस्य त्रिवेदी ने कहा, ‘‘इससे उनका असली चेहरा सामने आ गया है। कांग्रेस अपनी सोच, शब्दों और कार्यों में राजनीति में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के पूरी तरह खिलाफ है। कांग्रेस की कथनी और करनी के बीच का अंतर अब साफ दिखाई दे रहा है।’’ त्रिवेदी ने कहा कि तेलंगाना में सुरेखा को हटाए जाने के बाद कांग्रेस शासित राज्यों में अब केवल तीन महिला मंत्री रह गई हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस शासित तेलंगाना में दो महिला मंत्रियों में से एक को हटा दिया गया है। केरल में मंत्रिमंडल में केवल दो महिलाएं हैं। वहीं, कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक के मंत्रिमंडल में एक भी महिला नहीं है।’’ भाजपा नेता ने कहा कि जिस कांग्रेस पार्टी की नेता प्रियंका गांधी ने कभी ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा दिया था, वह महिलाओं के सशक्तीकरण को लेकर अपनी ‘‘दोहरी नीति’’ के कारण अब बेनकाब हो गई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए महिला सशक्तीकरण केवल एक नारा है, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं को ‘‘सम्मान, अवसर और नेतृत्व’’ प्रदान किया है। त्रिवेदी ने मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की महिला सशक्तीकरण से जुड़ी विभिन्न पहल का उल्लेख किया। इनमें जनधन खाते खोलना, उज्ज्वला योजना शुरू करना, शौचालयों का निर्माण और सशस्त्र बलों में महिलाओं को स्थायी कमीशन देना शामिल है।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘महिला सशक्तीकरण के मामले में प्रधानमंत्री मोदी भरोसे का प्रतीक हैं। वह जो कहते हैं, उसे करते हैं। वहीं, राहुल गांधी भरोसे के संकट का प्रतीक हैं।