By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 07, 2026
नयी दिल्ली, सात नवंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी पर शनिवार को तीखा हमला बोला और कहा कि वह पिछले 12 वर्षों में भारत की सर्वांगीण प्रगति को देखने के लिए “इतालवी चश्मा” उतार दें। पार्टी ने 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किए जाने के कदम को “सही ठहराने” के लिए भी सोनिया की आलोचना की और कहा कि “उनकी पीआर (जन संपर्क) कवायद सच को छिपा नहीं सकती।” भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य तरुण चुग ने सोनिया की ओर से उनके संस्मरण के प्रकाशन से पहले की गई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस का दशकों से जाति, धर्म और वोट बैंक की राजनीति के जरिये देश को बांटने का इतिहास रहा है। चुग ने सोनिया से कहा कि उन्हें अपनी पार्टी के शासनकाल में हुए विभिन्न घोटालों, 1984 के सिख-विरोधी दंगों और भोपाल गैस त्रासदी के बारे में भी लिखना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया, “सोनिया भाजपा-राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के शासन के तहत सनातन के उदय को पचा नहीं पा रही हैं।” सोनिया ने अपनी किताब ‘बिलॉन्गिंग : अ जर्नी ऑफ लव’ के विमोचन से पहले ‘द हिंदू’ के साथ साक्षात्कार में आरोप लगाया था कि पिछले 12 वर्षों में भारत के ताने-बाने, लोकतंत्र और संस्थाओं को “भारी नुकसान” पहुंचा है। उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार के जाने के बाद भी देश की व्यवस्थाओं को फिर से पटरी पर लाने में समय लगेगा। कांग्रेस नेता ने दावा किया था कि लोग अब बेचैन होने लगे हैं और देश को हो रहे नुकसान को समझने लगे हैं।
चुग ने ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में सोनिया की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अगर आप अपना इतालवी चश्मा उतार दें, तो आपको भारत साफ-साफ दिखाई देगा : सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और 7.8 फीसदी (जीडीपी) विकास दर के साथ एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरता हुआ भारत।” उन्होंने कहा, “आज पूरे देश के नागरिकों के बीच आस्था की एक नयी लहर दौड़ रही है, लेकिन आप इसे पचा नहीं पा रही हैं।” चुग ने सोनिया को कांग्रेस के शासनकाल के दौरान सामने आए विभिन्न “घोटालों” की भी याद दिलाई और कहा कि वह इनके बारे में भी लिखें। भाजपा नेता ने कहा, “आप बेशक किताब लिखें, लेकिन यह भी बताएं कि बाटला हाउस मुठभेड़ में जब एक आतंकवादी मारा गया था, तो आपकी आंखों में आंसू क्यों आए थे और आप पूरी रात क्यों रोई थीं? देश जानना चाहता है कि भारतीय सैनिकों की शहादत पर आपने आज तक एक शब्द भी क्यों नहीं कहा है।” चुग ने सोनिया से 1984 के सिख-विरोधी दंगों के बारे में लिखने को भी कहा।
उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सिख समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “जब एक बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती हिलती है।” चुग ने कहा, “आपको यह लिखना चाहिए कि बोफोर्स तोप घूसकांड में आपके परिवार से कौन-कौन शामिल था। आपको यह भी लिखना चाहिए कि भोपाल गैस त्रासदी के दोषियों को क्यों और किसके इशारे पर भागने दिया गया?” उन्होंने कहा, “देश जानना चाहता है कि आप भारत की संस्कृति को कभी डेंगू, कभी बीमारी और कभी संक्रमण क्यों बताती हैं तथा इसे जड़ से खत्म करने का संकल्प क्यों लेती हैं।” चुग ने कहा कि भारत “ऋषियों, संतों, तपस्वियों और तप” की भूमि है तथा यह ऐसी ही बनी रहेगी। सोनिया ने साक्षात्कार में आपातकाल पर अपनी राय रखते हुए कहा था कि यह कदम संवैधानिक तरीके से उठाया गया था।
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने कहा था, “आपातकाल के बाद ही मुझे इस बात की असल गंभीरता का पता चला कि क्या कुछ हो रहा था। हां, लोकतांत्रिक अधिकारों में कटौती की गई थी और बंदी प्रत्यक्षीकरण को निलंबित कर दिया गया था, लेकिन यह सब संवैधानिक तरीके से किया गया था।” उन्होंने कहा था, “फिर भी, जब मैं खुद को उस दौर में वापस ले जाती हूं और इंदिरा गांधी के नजरिये से देखने की कोशिश करती हूं, तो मैं उन्हें तेजी से बिगड़ते हालात से जूझते हुए पाती हूं : हिंसक विरोध-प्रदर्शन, सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक परिवहन में आगजनी, बड़े पैमाने पर सुनियोजित अशांति और यहां तक कि नौकरशाही एवं सशस्त्र बलों से आदेश न मानने का आह्वान भी।” भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आपातकाल लागू किए जाने के कदम को “सही ठहराने” के लिए सोनिया की आलोचना की। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “वह (सोनिया) इंदिरा गांधी को एक पीड़ित के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उनकी यह पीआर कवायद सच को छिपा नहीं सकती।” भंडारी ने आरोप लगाया, “इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया था और राजीव गांधी ने 1984 में सिखों के नरसंहार को सही ठहराते हुए अपने मशहूर बयान-‘जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती हिलती है’-के जरिये उसी विरासत को आगे बढ़ाया था।” उन्होंने कहा, “देश ने गांधी-वाद्रा परिवार को माफ नहीं किया है और न ही कभी करेगा।” भंडारी ने लिखा, “सोनिया गांधी बाबरी के लिए रोईं, सोनिया गांधी बाटला हाउस के लिए रोईं, सोनिया गांधी वोट बैंक के लिए कुछ भी कर सकती हैं।
कांग्रेस हिंदुओं से नफरत करती है।”