By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 08, 2022
नयी दिल्ली| पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी को लेकर भाजपा द्वारा हाल में अपने दो प्रवक्ताओं - नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल- के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद पार्टी के कई नेता उन मुद्दों पर बोलने से कतराते नजर आए जिन्हें सांप्रदायिक या धार्मिक रंग देने वाला कहा जा सकता है। हालांकि, कुछ नेता कार्रवाई का सामना करने वाले पदाधिकारियों के समर्थन में भी सामने आए हैं।
इस बीच, पार्टी के अधिकांश नेता शर्मा के खिलाफ कार्रवाई पर चुप्पी साधे रहे, लेकिन मशहूर वकील और सांसद महेश जेठमलानी ने कहा कि नुपुर ने उत्तेजना में आकर एक असंवेदनशील बयान दिया। जेठमलानी ने ट्वीट किया, ‘‘नुपुर शर्मा एक ‘फ्रिंज’ (अराजक) राजनेता नहीं हैं।
उत्तेजना में आकर उन्होंने एक असंवेदनशील बयान दिया, जिस पर उन्होंने खेद जताया है। वास्तविक अराजक वे हैं जिन्होंने सार्वजनिक मंचों पर उनकी गलती से पैदा हुई आग को भड़काया और मामले की भरपायी तथा विदेशों में भारत की छवि को बहाल करने के भारत सरकार के प्रयासों को नुकसान पहुंचाया।’’
भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करीबी कई लोग सोशल मीडिया पर शर्मा के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं और उनके पक्ष में अभियान शुरू किया है।