By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 13, 2022
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘सत्ता के स्वार्थ और जनता के दबाव में राष्ट्रध्वज (हर घर तिरंगा अभियान)को आगे रखकर भाजपा-आरएसएस अपने अतीत के काले पन्नों को छुपाने का प्रयास करने में जुटे हैं।’ सपा प्रमुख ने भाजपा पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ को भी आपदा में अवसर की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘तिरंगे को वे क्या सम्मान देंगे जो भारत के स्वतंत्रता संघर्ष में अंग्रेजों के हमसफर थे और जिनके नागपुर मुख्यालय पर 52 वर्षों तक राष्ट्रध्वज की जगह भगवाध्वज ही लहराता रहा।
उन्होंने कहा, ‘‘समाजवादी पार्टी नीत सरकार में राजधानी लखनऊ में 207 फुट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज जनेश्वर मिश्र पार्क में फहराया गया था और जब तक समाजवादी सरकार रही हर शाम प्रोटोकॉल के तहत आकाश में लहराते इस तिरंगे को पुलिस सलामी देती रही, लेकिन सत्ता परिवर्तन होते ही पुलिस द्वारा सलामी देना बंद हो गया है। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा के शासनकाल में राष्ट्रध्वज को सलामी देने की परम्परा को बंद क्यों किया गया? सपा प्रमुख ने अपनी पार्टी की ओर से मांग किया कि ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ काल में जनेश्वर मिश्र पार्क में राष्ट्रध्वज को पुलिस द्वारा सलामी दिए जाने की पुनः शुरुआत होनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा के देशप्रेम को सच्चाई से परे बताते हुए दावा किया कि भाजपा नेता ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के दौरान भी कहीं तिरंगे का रंग बदल रहे हैं तो कहीं उसे उल्टा पकड़े फोटो खिंचवाते हैं। गौरतलब है कि यादव ने एक दिन पहले भी ट्वीट भी किया था जिसमें कौशांबी के भाजपा सांसद विनोद सोनकर समेत कई नेता उल्टा तिरंगा झंडा पकड़े नजर आ रहे हैं।