By अनन्या मिश्रा | Apr 22, 2026
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बीच अब भारतीय जनता पार्टी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर सत्ताधारी डीएमके को घेरना शुरूकर दिया है। अपनी इस रणनीति के तहत केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने डीएमके और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और डीएमके जैसे राजनीतिक दलों ने लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के खिलाफ वोटिंग कर देश के महिलाओं के साथ अन्याय और विश्वासघात किया है।
भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगी दल इस मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष को घेर रहे हैं। विधेयक गिरने के फौरन बाद महिला सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरुकर दिया। ऐसे में पार्टी का मानना है कि इस विफलता को जनता के बीच में ले जाने से विपक्षी दलों पर महिला सशक्तिकरण की राह में रुकावट बनने का ठप्पा लगा सकते हैं।
पार्टी द्वारा आरोप लगाए गए हैं कि कांग्रेस और डीएमके साल 2026 की जनगणना के आधार पर सीटों के पुनर्निर्धारण पर जोर देकर तमिलनाडु की लोकसभा सीटों को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। इससे राज्य के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को नुकसान हो सकता है। बीजेपी द्वारा इसका मुद्दा बनाए जाने पर इसका असर तमिलनाडु के मौजूदा विधानसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।