Tamil Nadu में शराब सिंडिकेट पर चला हथौड़ा, 3600 करोड़ की वसूली बंद

By एकता | Jun 07, 2026

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने सत्ता संभालते ही एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। बीजेपी ने सालभर पहले राज्य में जिस बड़े शराब घोटाले का आरोप लगाया था, उस पर अब टीवीके सरकार की शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सामने आया है कि शराब की बिक्री से होने वाली कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा 'पार्टी फंड' में जा रहा था, जिसके करीब 3600 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

कैबिनेट मीटिंग में सीएम का सख्त आदेश

मुख्यमंत्री विजय ने 5 जून को हुई कैबिनेट की मीटिंग में साफ कर दिया कि जनता के पैसे की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में पता चला है कि शराब की हर पेटी पर 90 रुपये, बीयर के हर कार्टन पर 40 रुपये और वाइन के हर कार्टन पर 20 रुपये अवैध रूप से वसूले जा रहे थे। इससे हर साल सरकार को सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 जून को जारी सरकारी आदेश के बाद से इस अवैध वसूली को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। उन्होंने समझाया कि राज्य में हर साल शराब के लगभग 88 लाख केस खरीदे जाते थे और इसका कमीशन राजनीतिक रसूख वाले लोगों की जेब में जाता था। सीएम विजय ने अब इस पूरे सिंडिकेट को तोड़ दिया है और चेतावनी दी है कि जो भी इस भ्रष्टाचार में दोषी मिलेगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। आबकारी मंत्री विग्नेश ने भी साफ किया कि बोतलों पर ज्यादा कीमत वसूलने का खेल अब बंद हो चुका है।

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हर महीने हो रही थी 102 करोड़ की गड़बड़ी

तमिलनाडु में शराब की सप्लाई के लिए बोतलों के साइज के हिसाब से पेटियां तैयार की जाती हैं। जैसे- 180 मिली की 48 बोतलें, 375 मिली की 24 बोतलें और 750 मिली की 12 बोतलों की एक पेटी बनती है। बीयर की भी 12 बोतलों का एक कार्टन होता है।

इन्हीं पेटियों के हिसाब से वेयरहाउस, ट्रांसपोर्ट और रीटेल दुकानों से अवैध वसूली की जा रही थी। TASMAC के आउटलेट्स से हर महीने करीब 88 लाख ग्राहक शराब खरीदते हैं। इतनी बड़ी बिक्री की वजह से हर महीने कम से कम 102 करोड़ रुपये की हेराफेरी की जा रही थी, जिसे अब पूरी तरह रोक दिया गया है।

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धार्मिक और शैक्षणिक स्थलों के पास की 717 दुकानें बंद

सीएम विजय के आदेश के बाद राज्य में नियमों के खिलाफ चल रही कुल 717 शराब की दुकानों को बंद कर दिया गया है। इनमें मंदिरों और चर्च के पास चल रही 276 दुकानें, स्कूलों-कॉलेजों के पास की 186 दुकानें और बस स्टैंड व ट्रांसपोर्ट हब के पास की 255 दुकानें शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा 290 दुकानें मदुरै में बंद की गई हैं। इसके बाद कोयंबटूर में 179, तिरुचि में 84, चेन्नई में 82 और सलेम में 82 दुकानें बंद हुई हैं।

सरकार ने माना है कि इन दुकानों के बंद होने से राज्य को हर साल करीब 8,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का नुकसान होगा। लेकिन मुख्यमंत्री विजय ने साफ कर दिया है कि इस नुकसान की भरपाई के लिए न तो कोई नई दुकान खोली जाएगी और न ही शराब के दाम बढ़ाए जाएंगे। TASMAC से रोजाना लगभग 150 करोड़ रुपये की बिक्री होती है और बंद की गई दुकानें कुल आउटलेट्स का करीब 15 प्रतिशत हैं।

बिना बायोमेट्रिक और आईडी चेक के नहीं मिलेगी शराब

दुकानें बंद करने के अलावा टीवीके सरकार ने युवाओं को नशे से बचाने के लिए शराब खरीदने की उम्र सीमा को सख्ती से 21 साल कर दिया है। अब काउंटर पर बायोमेट्रिक और आईडी प्रूफ की जांच अनिवार्य होगी। अगर कोई कर्मचारी कम उम्र के लोगों को शराब बेचते या तय कीमत से ज्यादा पैसे लेते पकड़ा गया, तो उसे सीधे नौकरी से निकाल दिया जाएगा। इन बड़े सुधारों पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। आबकारी मंत्री विग्नेश ने यह भी साफ किया है कि शराब बिक्री के प्राइवेटाइजेशन का सरकार का कोई इरादा नहीं है। फिलहाल राज्य में TASMAC की करीब 4,048 रजिस्टर्ड दुकानें बची हैं।

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