बोइंग कंपनी के लड़ाकू विमान बनाने वाले कर्मचारियों की हड़ताल पर जाने की तैयारी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 04, 2025

बोइंग के लड़ाकू विमान बनाने वाले कर्मचारी सोमवार को केंद्रीय मानक समय के अनुसार मध्य रात्रि में हड़ताल पर जाने की योजना बना रहे हैं। ‘इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ मशीनिस्ट्स एंड एयरोस्पेस वर्कर्स यूनियन’ ने रविवार को बताया कि सेंट लुईस, सेंट चार्ल्स, मिसौरी और मैस्काउटा (इलिनोइस) स्थित बोइंग संयंत्रों में कार्यरत करीब 3,200 कर्मचारियों ने बोइंग के साथ संशोधित चार-वर्षीय श्रम समझौते को अस्वीकार करने के लिए मतदान किया।

यूनियन के मध्यपश्चिम क्षेत्र के महासचिव सैम सिसिनेली ने एक बयान में कहा, ‘‘ आईएएम डिस्ट्रिक्ट 837 के सदस्य ऐसे विमान और रक्षा प्रणालियां बनाते हैं जो हमारे देश को सुरक्षित रखती हैं। वे ऐसे अनुबंध के हकदार हैं जो उनके परिवारों को सुरक्षित रखे और उनकी बेजोड़ विशेषज्ञता को मान्यता दे।’’

यह मतदान पिछले सप्ताह सदस्यों द्वारा संकटग्रस्त कंपनी के पूर्व प्रस्ताव को अस्वीकार करने के बाद हुआ, जिसमें चार वर्ष में 20 प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव था। यूनियन के नेताओं ने उस समय इस प्रस्ताव को मंजूरी देने की सिफारिश की थी और इसे एक ‘‘ऐतिहासिक समझौता’’ करार दिया था।

उन्होंने कहा था कि इस प्रस्ताव से चिकित्सकीय, पेंशन और कामकाजी घंटों से इतर काम करने के लाभों में सुधार होगा। इसके बाद एक सप्ताह के भीतर ही यूनियन के सदस्यों ने बोइंग के नवीनतम प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।

बोइंग एयर डोमिनेंस के उपाध्यक्ष एवं महाप्रबंधक डैन गिलियन ने कहा, ‘‘ हमें निराशा है कि हमारे कर्मचारियों ने प्रस्ताव ठुकरा दिया .. हम हड़ताल के लिए तैयार हैं और हमने अपनी आकस्मिक योजना को पूरी तरह से लागू कर दिया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हड़ताल न करने वाले हमारे कर्मचारी और ग्राहकों को कोई परेशानी न हो।’

कंपनी अपने दो बोइंग 737 मैक्स विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद से संघर्ष कर रही है। 2018 में इंडोनेशिया में और 2019 में इथियोपिया में इसके विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने से 346 लोगों की जान गई थी।

जून में एयर इंडिया द्वारा संचालित बोइंग का एक ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें कम से कम 260 लोग मारे गए थे। बोइंग ने, उसकी दूसरी तिमाही की आय में सुधार होने और घाटा कम होने की मंगलवार को घोषणा की थी। कंपनी को दूसरी तिमाही में 61.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर का घाटा हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में उसे 1.44 अरब अमेरिकी डॉलर का घाटा हुआ था।

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