By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 31, 2026
बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को इस बात पर नाखुशी जताई कि लोग भारत में तो कहीं भी कचरा फेंक देते हैं, लेकिन विदेश में नियमों का पालन करते हुए सिर्फ तय जगहों पर ही कचरा फेंकते हैं। अदालत ने सवाल किया कि क्या आजादी और लोकतंत्र की कीमत यही है? न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी और न्यायमूर्ति आरती साठे की पीठ ने नागरिकों और नगर निकाय के अधिकारियों को जागरूक करने की बात कही, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सार्वजनिक सड़कों और जगहों पर कचरा न पड़ा रहे।
यहां तो कोई भी व्यक्ति बिना सोचे-समझे सड़क पर कचरा फेंक देता है, लेकिन वही लोग विदेश में ऐसा व्यवहार करने से पूरी तरह बचते हैं। वे चॉकलेट का छोटा-सा रैपर भी कूड़ेदान में ही डालते हैं।’’ उच्च न्यायालय ने कहा कि शहर को मुख्य सड़कों और गलियों में फेंके जाने वाले कचरे और उससे पैदा होने वाली गंभीर स्वास्थ्य एवं साफ-सफाई संबंधी समस्याओं के कारण रोजाना भारी खतरों का सामना करना पड़ रहा है। अदालत ने नगर निकाय से कहा कि वह इस मामले में एक हफ्ते के अंदर उचित कार्रवाई करे, वरना उसे आदेश जारी करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।