By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 20, 2026
बंबई उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक पदक विजेता पहलवान खाशाबा दादासाहेब जाधव को मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार प्रदान करने के संबंध में चार मई तक फैसला करने का निर्देश दिया है। उच्च न्यायालय की कोल्हापुर पीठ के न्यायाधीश माधव जामदार और प्रवीण पाटिल ने 15 अप्रैल को अपने आदेश में कहा कि इसको लेकर किसी तरह का विवाद नहीं है कि महाराष्ट्र के रहने वाले पहलवान जाधव भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक पदक विजेता थे।
उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘भारत सरकार को चार मई या उससे पहले उचित फैसला करने का निर्देश दिया जाता है।’’ अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई पांच मई को तय की। खशाबा जाधव ने 1952 में हेलसिंकी ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक जीता था। उनका 1984 में निधन हो गया था। उन्हें 2001 में मरणोपरांत अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। याचिका में दावा किया गया कि दिवंगत पहलवान के परिवार ने उन्हें सम्मान दिलाने के लिए कई बार आवेदन दिए थे। इस पर कोई जवाब न मिलने पर फाउंडेशन ने अदालत का रुख किया।