By अनन्या मिश्रा | Sep 28, 2026
शरीर में खून की कमी यानी की एनीमिया होने एक बहुत आम समस्या है। वहीं इसका सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं होती हैं। आंकड़ों के मुताबिक भारत में करीब 57% महिलाएं और लड़कियां एनीमिया की समस्या का शिकार हैं। खून में हीमोग्लोबिन का लेवल कम होने से एनीमिया होती है। हीमोग्लोबिन सभी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है, इसकी कमी होने पर शरीर के ऊतकों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है।
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शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं और हीमोग्लोबिन बनाने में इस्तेमाल होने वाला खनिज आयरन किशमिश में पाया जाता है। यही वजह है कि इससे एनीमिया की समस्या ठीक हो सकती है।
अगर किसी में आयरन की कमी की वजह हल्का पोषण समस्या है, तो किशमिश और आयरन से भरपूर डाइट से फायदा मिल सकता है।
लेकिन अगर शरीर में हीमोग्लोबिन कम है या शरीर में आयरन ठीक से अवशोषित नहीं हो रहा है, तो ऐसी स्थिति में सिर्फ किशमिश खाने से काम नहीं चलेगा।
एनीमिया की वजह पता करना भी बेहद जरूरी है। महिलाओं में भोजन में आयरन की कमी, अधिक मासिक रक्तस्त्राव, आंतों से आयरन का कम अवशोषण या दूसरी बीमारियों की वजह से भी एनीमिया की समस्या हो सकती है। डाइट में गड़बड़ी होने से एनीमिया होने पर किशमिश से काफी हद तक सुधार हो सकता है।
भिगोकर किशमिश खाने से यह नरम हो जाती है और इसको पचाना भी आसान हो जाता है।
किशमिश के अलावा आयरन के अन्य स्त्रोत जैसे हरी बीन्स, दालें, मांस-मछली और कुछ सूखे फलों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।
बता दें कि एनीमिया में सिर्फ आयरन की मात्रा नहीं बल्कि इसका अवशोषण भी जरूरी है। पशु स्त्रोतों से मिलने वाले आयरन की तुलना में पौधों से मिलने वाले आयरन का अवशोषण कम होता है।
विटामिन सी भी इसके अवशोषण को बढ़ाने में सहायता करता है। यानी की आयरन वाली चीजों को खाने के साथ-साथ अपनी डाइट में विटामिन सी को भी शामिल करना जरूरी होता है।
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो गंभीर लेवल की एनीमिया में सिर्फ खाने के माध्यम में शरीर में आयरन की जरूरत को पूरा कर पाना मुश्किल होता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह और सप्लीमेंट्स लेना जरूरी हो जाता है।