By अंकित सिंह | Jul 29, 2022
पश्चिम बंगाल सरकार के पूर्व मंत्री और कभी ममता बनर्जी के बेहद करीबी रहे पार्थ चटर्जी की लगातार मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दरअसल, पार्थ चटर्जी की गरीबी अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से प्रवर्तन निदेशालय ने अब तक 55 करोड़ से ज्यादा की रकम बरामद किए हैं। इसके अलावा भारी मात्रा में जेवरात भी बरामद किए गए हैं। पार्थ चटर्जी को शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार कर लिया गया था। दावा किया जा रहा है कि जब यह कथित घोटाला हुआ था तब पार्थ चटर्जी राज्य के शिक्षा मंत्री थे। आज उन्होंने इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ते हुए दावा किया कि उनके विरुद्ध साजिश की जा रही है। उन्होंने खुद को साजिश का शिकार बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि समय बताएगा कि तृणमूल कांग्रेस ने उनके विरुद्ध जो कार्रवाई की वह उचित थी या नहीं।
जांच पूरी होने तक टीएमसी से निलंबित रहेंगे पार्थ चटर्जी: अभिषेक बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के गिरफ्तार नेता पार्थ चटर्जी स्कूल भर्ती घोटाले की जांच पूरी होने तक निलंबित रहेंगे। बनर्जी ने कहा कि चटर्जी को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया है। बनर्जी ने पार्टी की अनुशासन समिति की बैठक के बाद यह भी कहा कि चटर्जी के निर्दोष साबित होने पर ही टीएमसी के दरवाजे उनके लिए खुलेंगे। चटर्जी लगभग दो दशकों तक टीएमसी के महासचिव रहे और इस साल की शुरुआत में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। बनर्जी ने कहा कि पार्थ चटर्जी को पार्टी के सभी पदों से हटाने का फैसला किया गया है। जब तक जांच चल रही है, वह पार्टी से निलंबित रहेंगे। हम मांग करते हैं कि जांच समय सीमा के भीतर पूरी की जाए।