By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 06, 2025
उड़ीसा उच्च न्यायालय ने रिश्वतखोरी के एक मामले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बिष्णुपद सेठी और उनके परिवार के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की किसी भी बलपूर्वक कार्रवाई पर रोक लगाने वाले अपने अंतरिम आदेश को 18 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया है।
यह मामला केंद्र सरकार के एक सार्वजनिक उपक्रम के वरिष्ठ अधिकारी के साथ सेठी के कथित संबंध पर आधारित है। सार्वजनिक उपक्रम के इस अधिकारी को पिछले साल दिसंबर में 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
सेठी ने सीबीआई द्वारा 18 फरवरी को उनके आवास पर छापेमारी किये जाने के बाद अपनी पत्नी और बेटी के साथ 24 फरवरी को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और जांच एजेंसी के अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया।
न्यायमूर्ति एस के पाणिग्रही ने 25 फरवरी को सेठी को अंतरिम संरक्षण प्रदान किया। तब सीबीआई ने उनकी याचिका पर जवाब देने के लिए समय मांगा था। मंगलवार को हुई ताजा सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पाणिग्रही ने सेठी परिवार को प्राप्त अंतरिम संरक्षण बढ़ा दिया और कहा कि मामले की सुनवाई 18 मार्च को फिर से होगी।