BRICS Summit के लिए Delhi में 15000 पुलिसकर्मी और 200 अर्धसैनिक कंपनियां तैनात

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 11, 2026

राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार से शुरू हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और दिल्ली पुलिस के 15,000 जवानों तथा अर्ध सैनिक बलों की 200 कंपनी तैनात की गई हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में शनिवार से 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

सुरक्षा स्थिति और परिस्थितियों के आधार पर वाहनों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि व्यवस्था इस तरह की गई है कि विदेशी मेहमानों की कड़ी से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था हो और आम जनता को कम से कम परेशानी हो। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने इसे ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं कि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो।

यातायात व्यवस्था को लेकर पहले ही परामर्श जारी किए जा चुके हैं।’’ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंच गए। वहीं चीन ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग के सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि की है। यह सात साल के अंतराल के बाद भारत की उनकी पहली यात्रा होगी।

सम्मेलन में शामिल होने वाले अन्य प्रमुख नेताओं में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, अबू धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख आदि शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने आवाजाही के लिए चिह्नित मार्गों का व्यापक निरीक्षण किया है तथा कई सरकारी एजेंसियों और पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय संबंधी बैठकें भी की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था हवाई अड्डे, विदेशी नेताओं को ठहराए जाने वाले होटलों, भारत मंडपम और उन अन्य स्थानों तक रहेगी जहां ये विदेशी मेहमान जाएंगे।

नयी दिल्ली इलाके में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों के अलावा चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली और वाहनों की नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे भी शामिल हैं। इन कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी।

सम्मेलन स्थल और विदेशी मेहमानों को ठहराए जाने वाले होटलों में प्रवेश नियंत्रण, पहचान सत्यापन, खुफिया जानकारी जुटाने, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। यातायात पुलिस के अनुसार शिखर सम्मेलन के दौरान 35 से अधिक सड़कें प्रभावित हो सकती हैं। इनमें प्रमुख रूप से मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड ,बाराखंभा रोड ,टॉल्स्टॉय मार्ग ,अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग, एपीजे अब्दुल कलाम रोड शामिल हैं।

साकेत स्थित होटल से मध्य दिल्ली के बीच मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही के कारण दक्षिणी दिल्ली की सड़कों पर खासकर व्यस्त समय में यातायात का दबाव और बढ़ सकता है। अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन के बड़े स्तर को देखते हुए हर दिन कई बार ‘हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट’ (उच्च सुरक्षा में गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही) होंगे। किसी विदेशी नेता को हवाई अड्डे से होटल, होटल से सम्मेलन स्थल और वहां से द्विपक्षीय बैठकों या अन्य कार्यक्रमों में ले जाने के दौरान एक दिन में पूरे शहर में करीब 70-80 या उससे अधिक ‘हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट’ हो सकते हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, हर वीवीआईपी अवागमन के लिए अलग से यातायात नियंत्रण, रास्तों पर प्रवेश प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तन में समन्वय करना पड़ता है और इसी वजह से आम लोगों और यात्रियों पर इसका असर सामान्य वीआईपी दौरे की तुलना में काफी अधिक हो सकता है।

प्रमुख खबरें

Manipur में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, UNLF और PLA समेत तीन आतंकी पकड़े गए

Rajasthan Municipal Elections: 147 निकायों के 4774 वार्डों में वोटिंग शुरू

Digvijay Diwas 2026: स्वामी विवेकानंद के विचारों ने कैसे बदला World Vision और भारत की छवि

Haiwaan Movie Review: फिल्म में है फ्रेश कहानी, डार्क किरदार और अक्षय कुमार-सैफ अली खान का अब तक का सबसे अलग अंदाज