By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 08, 2026
जयपुर, सात अगस्त ब्रिक्स देशों के व्यापार मंत्रियों की 16वीं बैठक शुक्रवार को जयपुर में संपन्न हुई। इस बैठक में संयुक्त घोषणापत्र और उसके चार अनुबंधों को पारित किया गया और नयी दिल्ली शिखर सम्मेलन के लिए ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी 2030 की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने की।
इस रणनीति पर 2025 में ब्राजील की अध्यक्षता के दौरान काम आगे बढ़ाया गया और 2026 में भारत की अध्यक्षता में इसे अंतिम रूप दिया गया। बैठक में शामिल मंत्री इस बात पर सहमत हुए कि वे इस रणनीति और संयुक्त घोषणापत्र की प्राथमिकताओं को सितंबर 2026 में नयी दिल्ली शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स नेताओं के सामने मंजूरी के लिए पेश करेंगे। बयान के अनुसार, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री गोयल ने अपने मुख्य भाषण में इस बात पर बल दिया कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स की हिस्सेदारी बढ़ रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक पक्षवाद और बिखराव का जवाब सुदृढ़शीलता, सहयोग और सुधार है। गोयल ने भारत के उस बहुपक्षीय व्यापार तंत्र के दृष्टिकोण को पुनर्जीवित किया जो सुधार-उन्मुख, विकास-केंद्रित, सदस्यों द्वारा संचालित और सर्वसम्मति पर आधारित होना चाहिए। इस तंत्र का केंद्र विश्व व्यापार संगठन होना चाहिए, जहां विशेष और विभेदक व्यवहार का प्रावधान कायम रहे और विवाद समाधान के लिए एक पूरी तरह से काम करने वाली दो-स्तरीय और बाध्यकारी व्यवस्था फिर से स्थापित की जाए।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मानवता सर्वोपरि के दृष्टिकोण से प्रेरित ब्रिक्स सहयोग में लोगों को केंद्र में रखा जाता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ब्रिक्स व्यापार का असली मकसद मानवीय है, जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की तरक्की, महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसायों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के युवाओं के जोश में दिखाई देता है।