By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 08, 2026
लखनऊ, आठ अगस्त उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ‘‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा ब्राह्मणों को निशाना बनाए जाने’’ संबंधी अखिलेश यादव की टिप्पणी पर शनिवार को पलटवार किया और कहा कि सपा प्रमुख ब्राह्मण समाज का हितैषी होने का ‘‘स्वांग’’ रच रहे हैं। पाठक ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं लेकिन तथ्यों का जवाब तथ्यों से दिया जाना चाहिए, न कि भ्रम, कटुता और निराधार आरोपों से। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स’ खाते पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को संबोधित एक लंबी ‘पोस्ट’ में कहा, ‘‘राजनीति में विचारों का उत्तर विचारों से दिया जाता है, व्यक्तिगत कटुता और असत्य आरोपों से नहीं।’’ उप मुख्यमंत्री ने समाजवादी चिंतक और नेता दिवंगत डॉ. राममनोहर लोहिया का जिक्र करते हुए सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाया।
लोहिया यदि आज होते, तो परिवारवाद को राजनीति का आधार बनाने वालों को कठोर सवालों के कटघरे में सबसे पहले खड़ा करते।’’ इससे पहले, अखिलेश यादव ने दिवंगत समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती पर सपा के प्रबुद्ध सम्मेलन (ब्राह्मण सम्मेलन) में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर ब्राह्मणों के उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पाठक ने यादव पर पलटवार करते हुए कहा, ‘‘आप आज ब्राह्मण समाज के हितैषी होने का स्वांग रच रहे हैं, जबकि आपके मुख से ‘मिश्राजी कुछ तो शर्म करो’ जैसा वाक्य और पत्रकारों की जाति पूछना समाज की छाती में आज भी बरछी की तरह चुभता है। आपका पूरा राजनीतिक विमर्श एक ही परिवार के इर्द-गिर्द घूमता है।
उन्होंने कहा कि समाज का उत्थान किसी एक परिवार को सत्ता दिलाने से नहीं, बल्कि हर वर्ग को समान अवसर, न्याय और सम्मान देने से होता है। पाठक ने कहा, ‘‘जहां तक मेरे सार्वजनिक जीवन का सवाल है, उसका मूल्यांकन जनता करती है। मैंने संगठन, संविधान और जनसेवा को हमेशा सर्वोपरि रखा है।
व्यक्तिगत आरोप, अपशब्द और दुष्प्रचार न सत्य बदल सकते हैं और न ही जनता का विश्वास।’’ उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति राष्ट्र प्रथम, संगठन सर्वोपरि और अंत्योदय पर आधारित है जबकि परिवारवादी राजनीति का उद्देश्य सत्ता को एक परिवार तक सीमित रखना है तथा जनता इस अंतर को अच्छी तरह समझती है।