ब्रिटेन के प्रधानमंत्री जॉनसन की कुर्सी पर मंडरा रहा खतरा, सर्वे में हुआ ये बड़ा खुलासा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 07, 2022

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को एक घुलने-मिलने वाला नेता कहा जाता रहा है। वह जनता के उन वर्गों तक भी पहुंच रखते हैं, जिनके बीच अन्य नेता नहीं जा सकते। हालांकि यह बात भी साफ है कि उनकी सरकार में एक के बाद एक कांड सामने आने, देश की आर्थिक हालत बदतर होने और सिलसिलेवार हड़तालों के चलते उनकी कुर्सी संकट में घिरी दिखाई दे रही है। इस बीच, देश की जनता, जॉनसन और कंजरवेटिव पार्टी की तरफ से संकेत मिल रहे हैं कि ब्रिटेन में सत्ता परिवर्तन हो सकता है। देश के दो वरिष्ठ मंत्री ऋषि सुनक और साजिद जाविद पार्टी के पूर्व मुख्य सचेतक क्रिस पिंचर पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर जवाब देने में सरकार की नाकामी के चलते मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं। माना जा रहा है कि उनके इस्तीफे के बाद कई और मंत्री भी इस्तीफा दे सकते हैं, जिनमें जॉनसन के विश्वासपात्र भी शामिल हैं।

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अधिकतर लोगों को लगता है कि उन्हें इस्तीफा देना चाहिए, जबकि बहुत कम लोग ऐसा मानते हैं कि वे ऐसा करेंगे। इसके अलावा कंजरवेटिव पार्टी को लगता है कि चुनाव के लिहाज से जॉनसन की कोई खास अपील नहीं रह गई है। ऐसे में यदि पार्टी उनके नेतृत्व में अगला आम चुनाव लड़ती है तो उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान दावतें करने की बात सामने आने के बाद उनकी लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है। इसके बाद हाल में हुए उपचुनाव में उनकी पार्टी की हार के चलते भी जॉनसन की छवि को तगड़ा झटका लगा है। उपचुनाव में हार और सांसदों के इस्तीफा देने के बादउनकी सरकार के बहुमत पर भी असर पड़ा है। ताजा चुनाव पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि यदि आज चुनाव कराए गए तो कंजरवेटिव पार्टी को शिकस्त का सामना करना पड़ सकता है और वह बहुमत से काफी दूर रह सकती है। इनमें ऐसी सीटों पर भी पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ सकता है, जिनपर जॉनसन का काफी प्रभाव माना जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो लेबर पार्टी को इन सीटों पर जीत मिल सकती है, जिसका मतलब कंजरवेटिव सरकार की विदाई होगा।

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इस बीच, जॉनसन को बुधवार को संसद में भी विरोधी सांसदों के हमलों से दो-चार होना पड़ा। हालांकि भारी बहुमत का हवाला देते हुए उन्होंने नहीं झुकने का संकेत दिया और कहा कि वह ‘‘आगे बढ़ते रहेंगे।’’ जॉनसन नेअपने इस्तीफे की लगातार मांग के जवाब में हाउस ऑफ कॉमन्स में साप्ताहिक प्राइम मिनिस्टर्स क्वेशचन (पीएमक्यू) सत्र में कहा, कठिन परिस्थितियों में किसी प्रधानमंत्री का काम, जब आपको भारी जनादेश सौंपा गया है, आगे बढ़ते रहना है, और मैं यही करने जा रहा हूं। हालांकि कहा जा रहा है कि जॉनसन और कंजरवेटिव पार्टी की आंतरिक स्थिति ठीक नहीं है, जिसके चलते उनके सत्ता में बने रहने की संभावना काफी कम होती जा रही है। लिहाजा उपरोक्त सभी कारकों को मद्देनजर रखते हुए इस बात की आशंका जतायी जा रही है कि जॉनसन और उनकी कंजरवेटिव पार्टी के लिए आगे की राह बहुत कांटों भरी हो सकती है।

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