By दिव्यांशी भदौरिया | May 08, 2026
हर किसी महिला की जिंदगी में मां बनना एक खास और खूबसूरत पड़ाव होता है। शादी के बाद प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले कई कपल इन बातों का ध्यान रखते हैं। पेरेंटहुड में कदम रखना एक बड़ा फैसला है और क्योंकि करियर, पर्सनल च्वॉइस और फाइनेंशियल स्थिति सहित कई कारणों के चलते अक्सर कपल शादी के कुछ साल तक प्रेग्नेंसी प्लान नहीं करना चाहते हैं और ऐसे में इससे बचने के लिए वो कॉन्ट्रासेप्शन का इस्तेमाल करते हैं। कई बार तो अनप्लान्ड प्रेग्नेंसी के चलते अबॉर्शन की नौबत आ जाती है।
अबॉर्शन के बाद दोबारा कंसीव करना ज्यादा मुश्किल है?
- इस बात को समझे कि यदि अबॉर्शन सुरक्षित तरीके से और सही मेडिकल गाइडेंस से कराया गया है, तो इसका असर फर्टिलिटी पर नहीं होता है। यह कहना एकदम गलत होगा कि अबॉर्शन के बाद दोबारा प्रेग्नेंट होने में काफी दिक्कत आएगी।
- ध्यान रखें कि अबॉर्शन शुरुआती हफ्तों में डॉक्टर की सलाह के आधार पर ही हुआ है। यदि गलत तरीके से अबॉर्शन हुआ, तो इसका सीधा असर कंसीव करने क्षमता पर पड़ सकता है।
- विशेषकर महिलाओं का इस बात पर ध्यान रखना है कि बार-बार अबॉर्शन के लिए पिल्स लेना या मेडिकल प्रोसिजर के माध्यम से इसे करवाना आपकी फर्टिलिटी और सेहत दोनों पर असर डाल सकता है। इसलिए इसे बार-बार करवाना सेफ नहीं है।
- यदि अबॉर्शन सुरक्षित तरीके से हुआ हो, बार-बार अबॉर्शन कराया गया हो, तो गर्भाशय (यूट्रस) में इंफेक्शन या चोट लगने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। जिससे फर्टिलिटी पर असर देखने को मिलता है।
- अबॉर्शन कराने के बाद शरीर को आराम और रिकवर करने के लिए बॉडी को समय देना भी बेहद जरुरी है। आमतौर पर अबॉर्शन के बाद आपको सेक्शुअल रिलेशन बनाने और दोबारा प्रेग्नेंसी प्लान करने में कुछ हफ्तों का अंतर जरुर रखें। अंतर कितना होना चाहिए, इसको लेकर अपने डॉक्टर से जरुर बात करें।
- कुछ हफ्तों के गैप के बाद हार्मोंन्स के बैलेंस होने और यूट्रस के सही तरह से रिकवर होने के बाद ही डॉक्टर की सलाह लेकर आगे बढ़ें।
- इस दौरान महिलाएं अपनी मेंटल हेल्थ का भी ध्यान रखें। इस समय पर हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल बेहद ही जरुरी है।
- इसलिए अपनी डाइट में आयरन, फोलिक एसिड और कैल्शियम से रिच फूड्स को शामिल करें। इसके साथ ही पर्याप्त नींद, हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेस को मैनेज करना जरुरी है।