Healthy Diet: सिर्फ अनानास में पाया जाता है ब्रोमेलैन, रोजाना खाने से दूर रहती हैं कई बीमारियां

By अनन्या मिश्रा | Aug 27, 2024

फलों में एंटीऑक्सीडेंट गुण और पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसी वजह से हेल्थ एक्सपर्ट सभी लोगों को रोजाना कम से कम दो मौसमी फलों के सेवन की सलाह देते हैं। आपको बता दें कि अनानास स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। अनानास में विटामिन-सी और मैग्नीज के अलावा मैग्नीशियम, पोटेशियम और फोलेट भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। अनानास एकमात्र ऐसा फल है, जिसमें ब्रोमेलैन पाया जाता है। यह प्रोटीन को पचाने वाले एंजाइमों का संयोजन है। 

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पोषक तत्व से भरपूर होता है अनानास

अनानास पोषक तत्व और लाभकारी यौगिक से भरपूर होता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि इस फल को खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ कैंसर का जोखिम कम होता है। साथ ही यह फल सर्जरी के बाद रिकवरी में सुधार लाने में मदद करता है।

अनानास विटामिन सी और मैंगनीज से भरपूर होता है। विटामिन-सी प्रतिरक्षा स्वास्थ्य, आयरन अवशोषण को बढ़ाने के साथ संक्रमण से सुरक्षा के लिए जरूरी होता है। वहीं मैंगनीज एंटी ऑक्सीडेंट्स गुण प्रदान करता है। जिससे शारीरिक विकास और मेटाबॉलिज्म ठीक रहता है।

पाचन की समस्या में फायदेमंद

पाचन स्वास्थ्य के लिए भी अनानास काफी फायदेमंद होता है। ब्रोमेलैन एंजाइन की वजह से पाचन संबंधी कई समस्याओं में लाभ मिलता है। ब्रोमेलैन प्रोटीन अणुओं को तोड़ता है, जिससे हमारे शरीर की छोटी आंत उसे ज्यादा आसानी से अवशोषित कर पाती है। एक अध्ययन के मुताबिक ब्रोमेलैन पाचन ऊतकों में सूजन के मार्कर को भी कम करने में सहायक होता है। ऐसे में पाचन की समस्या से परेशान लोगों को अनानास का सेवन करना चाहिए।

गठिया में भी मिलता है आराम

अनानास के सेवन को गठिया के लक्षणों को कम करने में भी फायदेमंद माना जाता है। गठिया की समस्या होने पर जोड़ों में सूजन-अकड़न होती है, जिसके कारण उठना-चलना भी मुश्किल हो जाता है। अनानास में ब्रोमेलैन के एंटी-इंफ्लामेटरी गुण पाए जाते हैं, जो गठिया की सूजन और दर्द से राहत देने का काम करता है। एक अध्ययन में पाया गया है कि ब्रोमेलैन की खुराक ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षणों को कम करता है। ब्रोमेलैन युक्त पाचन एंजाइम सप्लीमेंट से ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित लोगों में दर्द को सामान्य करने में उसी तरह से फायदा मिलता है, जैसे गठिया की दवाओं से मिलता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता में होगा सुधार 

बता दें कि सदियों से पारंपरिक चिकित्सा में भी अनानास का इस्तेमाल किया जाता रहा है। अनानास में कई तरह के खनिज, विटामिन और एंजाइम पाए जाते हैं, जो प्रतिरक्षा में सुधार करने के साथ सूजन को कम करने में सहायक होते हैं।

एक शोध के मुताबिक अनानास का सेवन करने वालों में वायरल और बैक्टीरिया संक्रमण का खतरा कम था। जिन बच्चों ने इस फल को खाया, उनमें रोग से लड़ने वाली श्वेत रक्त कोशिकाओं की मात्रा ज्यादा पाई गई। आप इम्यूनिटी में सुधार के लिए इसको अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।

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