Rajasthan Chunav 2023: राजस्थान में बीजेपी-कांग्रेस का खेल बिगाड़ सकती है BSP, समझिए पूरा समीकरण

By अनन्या मिश्रा | Oct 13, 2023

राजस्थान का पूर्वी द्वार कहे जाने वाला भरतपुर संभाग की सीमा यूपी से लगती है। यही कारण है कि प्रदेश के चुनावों में बसपा का दखल रहता है। राज्य की प्रमुख सियासी जमातों में शुमार कांग्रेस-बीजेपी दोनों दलों का खेल बिगाड़ने में बहुजन समाज पार्टी सक्षम है। बीएसपी ने राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। हाल ही में बीएसपी ने भरतपुर संभाग की सभी तीन विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।

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बीएसपी आलाकमान है सतर्क

बसपा के साथ यह पहली बार नहीं है कि जब सभी 6 विधायकों ने कांग्रेस में विलय कर दिया। साल 2008 के विधानसभा चुनावों में BSP के 6 विधायक चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। उस दौरान भी बीएसपी ने कांग्रेस में सभी विधायकों का कांग्रेस पार्टी में विलय कर दिया था। साथ ही अशोक गहलोत को प्रदेश का सीएम बनने में सहयोग किया था। वहीं साल 2018 में भी बीएसपी ने कांग्रेस में 6 विधायकों का विलय कर गहलोत को फिर से सीएम बनने में सहयोग किया। लेकिन आगामी विधानसभा चुनावों में बसपा अपने प्रत्याशियों के चुनाव में काफी सतर्कता बरत रही है। पार्टी ऐसे प्रत्याशियों को टिकट देने पर जोर दे रही है, जो पार्टी के साथ धोखा ना करें।

बीएसपी ने इन्हें बनाया उम्मीदवार

साल 2023 के विधानसभा चुनाव के लिए बीएसपी ने नदबई विधानसभा सीट से खेमकरण तौली को अपना उम्मीदवार बनाया है। बता दें कि खैमकरण तौली नदबई विधानसभा सीट पर साल 2018 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। उन्हें तब 29 हजार 529 वोट मिले थे। भरतपुर जिले की सात विधानसभा सीटों में से नदबई विधानसभा ऐसी सीट पर सबसे अधिक आबादी जाट की है। नदबई विधानसभा में कुल दो लाख 62 हजार वोटर्स हैं। जिसमें करीब 1 लाख जाट मतदाता और 40 हजार एससी वोटर माने जाते हैं। ऐसे में बीएसपी के नव नियुक्त प्रत्याशी खेमकरण तौली पर इस सीट से बसपा के वर्चस्व को कायम रखने की जिम्मेदारी होगी।

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