मायावती ने भाजपा के संकल्प पत्र को छलावा बताया, बोलीं- हांडी बार बार नहीं चढ़ती है

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 08, 2019

लखनऊ। बसपा प्रमुख मायावती ने भाजपा द्वारा जारी संकल्प पत्र को जनता को बरगलाने की कोशिश बताते हुए कहा है कि काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछले लोकसभा चुनाव में जिस लापरवाही, अलोकतांत्रिक और गै़र- जिम्मेदार ढंग से भ्रामक तथा लुभावने वादे करके देश की आम जनता को गुमराह करने का प्रयास किया था, ठीक उसी प्रकार से यह पार्टी एक बार फिर घोषणा पत्र आदि के माध्यम से जनता को बरगलाने की कोशिश कर रही है, लेकिन काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती है।  

मायावती ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि वास्तव में घोर चुनावी वादाखिलाफी और जनता से विश्वासघात करने वाली भाजपा और नरेन्द्र मोदी सरकार को नया घोषणा पत्र जारी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उन पर विश्वास करना तो बहुत दूर की बात है। सबसे पहले उन्हें अपनी घोर वादाखिलाफी और जनविश्वासघात के लिये जनता से माफी मांगनी चाहिये। उन्होंने पांच साल में केवल धन्नासेठों के लिए ही काम किया है। 

उन्होंने कहा कि वास्तव में सत्ताधरी भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नया चुनावी घोषणा पत्र के बजाए उन्हें पिछले चुनावी वादों के संबंध में कार्रवाई रिपोर्ट जारी करनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा करने की हिम्मत उनमें है ही नहीं क्योंकि भाजपा और मोदी सरकार वादाखिलाफी तथा विश्वासघात करने वाली सरकारों की सरताज साबित हुई है और यह कोई लुकी-छिपी बात नहीं है।

इसे भी पढ़ें: देवबंद में महागठबंधन की संयुक्त रैली, एक मंच पर दिखेंगे अखिलेश, मायावती और अजित सिंह

बसपा प्रमुख ने कहा कि वैसे भी कुछ मुट्ठीभर बड़े-बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों के अच्छे दिन को छोड़कर देश की 130 करोड़ आम जनता को आज पांच साल के बाद भी उस वादे वाले अच्छे दिन और 15 से 20 लाख रुपये बैंक खाते में आने का इंतज़ार है जिसका वादा मोदी ने देश के गरीबों से किया था।

प्रमुख खबरें

Silver Hallmarking में भारी उछाल: देशभर में नए केंद्रों के साथ Bureau of Indian Standards करेगा बड़ा विस्तार

Income Tax अलर्ट: REIT-InvIT से होने वाली कमाई पर बदल गए नियम, ITR फाइलिंग में रखें खास ध्यान

Global Oil Crisis: होर्मुज संकट से $84 के पार पहुंचा Brent Crude, ईरान-अमेरिका में बढ़ी तकरार

India Neighborhood First policy: बांग्लादेश से लेकर नेपाल तक भारत का बड़ा गेम, पलटा पासा !