देवबंद में महागठबंधन की संयुक्त रैली, एक मंच पर दिखेंगे अखिलेश, मायावती और अजित सिंह

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Apr 6 2019 3:06PM
देवबंद में महागठबंधन की संयुक्त रैली,  एक मंच पर दिखेंगे अखिलेश, मायावती और अजित सिंह
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समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने बताया कि देवबंद की रैली में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव मौजूद रहेंगे। यह पहली बार होगा कि गठबंधन की तीनों पार्टियों के प्रमुख नेता एक ही मंच पर होंगे। रालोद प्रवक्ता अनिल दुबे ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष अजित सिंह और उपाध्यक्ष जयंत चौधरी कल देवबंद में रैली को संबोधित करेंगे ।बसपा सपा रालोद की संयुक्त रैलियों की शुरूआत कल से हो रही है और आने वाले दिनों में ऐसी कई रैलिया होंगी ।

लखनऊ। बसपा, सपा और रालोद गठबंधन की लोकसभा चुनाव के लिये पहली संयुक्त रैली की शुरुआत रविवार को सहारनपुर के देवबंद से होगी। भाजपा को हराने के लिये इस महागठबंधन की पहली संयुक्त रैली देवबंद में होगी जहां पहले चरण में 11 अप्रैल को चुनाव होने हैं। बहुजन समाज पार्टी द्वारा शनिवार को जारी एक बयान में कहा गया कि  बसपा-सपा-रालोद की पहली संयुक्त रैली कल सात अप्रैल रविवार को सहारनपुर जिले के देवबन्द में होगी। देवबन्द की यह रैली जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज के पास आयोजित की गई है।

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इस रैली को बसपा सुप्रीमो मायावती संबोधित करेंगी। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने बताया कि देवबंद की रैली में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव मौजूद रहेंगे। यह पहली बार होगा कि गठबंधन की तीनों पार्टियों के प्रमुख नेता एक ही मंच पर होंगे। रालोद प्रवक्ता अनिल दुबे ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष अजित सिंह और उपाध्यक्ष जयंत चौधरी कल देवबंद में रैली को संबोधित करेंगे ।बसपा सपा रालोद की संयुक्त रैलियों की शुरूआत कल से हो रही है और आने वाले दिनों में ऐसी कई रैलिया होंगी। 

सपा प्रवक्ता के मुताबिक सपा-बसपा-रालोद के गठबंधन से राजनीति में एक नई लहर पैदा हुई है। अखिलश यादव का मानना है कि विचारधारा पर आधारित इस गठबंधन के प्रति जनता में बढ़ते रूझान से भाजपा खेमे में घबराहट और बौखलाहट है। उन्होंने कहा कि जनता हालांकि अब भाजपा के बहकावे में आने वाली नहीं है। उसे भाजपा का पूरा चरित्र मालूम हो गया है इसलिए अब 2019 के चुनाव में नया प्रधानमंत्री और नई सरकार चुनने के दृढ़ संकल्प से मतदाता को कोई भी ताकत डिगा नहीं सकती है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटों पर हो रहे आमचुनाव में बी.एस.पी.-समाजवादी पार्टी व आर.एल.डी. पहली बार गठबंधन बनाकर चुनाव लड. रही है । 
 

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