By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 28, 2022
रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि आगामी बजट में महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था का समर्थन करने और खपत की मांग को बढ़ावा देने के लिए आयकर में लुभावनी पेशकश और ईंधन पर करों में कटौती करने की जरूरत है। इंडिया रेटिंग्स ने बजट से पहले जारी अपनी रिपोर्ट में यह उम्मीद जताई कि नया बजट पिछले बजट में तय राजकोषीय योजना का समावेश करेगा और उसे मजबूती देगा। इसमें नई चीजों को अपनाने के बजाए चालू वित्त वर्ष के राजस्व और पूंजीगत खर्च के तौर-तरीकों को अपनाया जाएगा ताकि मौजूदाप्रयासों को मजबूती दी जा सके।
चालू वित्त वर्ष में अनुदान की दो अनुपूरक मांगों के बाद राजस्व व्यय बजट राशि से तीन लाख करोड़ रुपये अधिक रहने का अनुमान है, लेकिन राजस्व व्यय के गैर-ब्याज और गैर-सब्सिडी घटक, जो अर्थव्यवस्था में प्रत्यक्ष मांग को प्रभावित करते हैं, उनके बजट से 13,100 करोड़ रुपये कम होने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी के मुताबिक आगामी वित्त वर्ष में राजस्व व्यय चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान से अधिक रहेगा। चालू वित्त वर्ष में सरकार का पूंजीगत व्यय सकल घरेलू उत्पाद का 2.5 फीसदी हो गया जो बीते वित्त वर्ष में 2.2 फीसदी और 2019-2020 में 1.6 फीसदी था।