हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र आज से, चार मार्च को बजट पेश करेंगे सीएम

By विजयेन्दर शर्मा | Feb 23, 2022

शिमला। आज प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के अभिभाषण से शुरू होने जा रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं।  15 मार्च तक चलने वाले बजट सत्र में कुल 16 बैठकें होंगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर 4 मार्च को विधानसभा में राज्य का वर्ष 2022-23 का आम बजट पेश करेंगे। बजट सत्र को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए  हैं। सत्र की तैयारियों के सिलसिले में यहां सत्तारूढ भाजपा व विपक्षी दल कांग्रेस के विधायक दल की बैठकें हो चुकी हैं। जिसमें अपने अपने दलों की रणनीति तय की गई। वहीं प्रदेश विधानसभा के स्पीकर विपिन परमार व डीजीपी संजय कुंडू ने राजभवन जाकर राज्यपाल को सत्र की जानकारी दी है।

15 दिन चलने वाले सत्र में इस बार महंगाई, बेरोजगारी, न्यू पेंशन स्कीम जैसे मामले गूंजेंगे । सत्तारूढ दल भाजपा व प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कार्यकाल का यह अंतिम बजट सत्र है। चूंकि इस साल ही प्रदेश विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। लिहाजा यह बजट सत्र खासा अहम है। प्रदेश में 13वीं विधानसभा का 14वां सत्र है, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर 4 मार्च को अपने कार्यकाल का पांचवां बजट पेश करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने सत्ता पक्ष व विपक्ष की बैठक बुलाई। इसमें स्पीकर विपिन सिंह परमार ने संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और माकपा विधायक राकेश सिंघा से सदन की कार्यवाही के संचालन में सहयोग की अपील की है। 

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बजट सत्र आज सुबह 11 बजे राज्यपाल का अभिभाषण के साथ शुरू होगा। गुरुवार को शोकोद्गार के बाद प्रश्नकाल शुरू होने की संभावना है। यह बजट सत्र 15 मार्च तक चलेगा। इसमें कुल 16 बैठकें होंगी। यानी 15 दिन सवाल-जवाब होंगे। अभी तक विधानसभा सचिवालय को 1069 सवाल मिल चुके हैं। इनमें 722 तारांकित और 347 अतारांकित हैं। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, सड़कों की डीपीआर में देरी, पेयजल, उद्यान, नशा निवारण, आपराधिक मामले, न्यू पेंशन स्कीम के मामले आदि सत्र में उठेंगे। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि नियम 101 के तहत 6 और 130 के अंतर्गत 5 सूचनाएं भी मिली हैं। 

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शून्यकाल को तेरहवीं विधानसभा में ही शुरू करने की संभावना से स्पीकर विधानसभा अध्यक्ष ने इंकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यह मामला विचाराधीन है। परमार ने कहा कि इस बजट सत्र की पूरी तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र में 16 बैठकें हो रही हैं तो आगामी मानसून सत्र में करीब 10 बैठकें हो सकती है। शीत सत्र तक 35 बैठकों को पूरा करने का प्रयास होगा। स्पीकर विपिन सिंह परमार ने कहा कि कोरोना के मामले बेशक घटते जा रहे हैं। इसके बावजूद सत्र के बीच पूरी सजगता रहेगी। प्रदेश विधानसभा सचिवालय में प्रवेश पाने वाले हर व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी।

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विधानसभा सचिवालय के भवनों और परिसर को सैनिटाइज किया गया है, जिससे किसी भी तरह के संक्रमण से बचा जा सके। लाइट से परिसर को सजाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिसर में कोविड टेस्टिंग की सुविधा भी दी जा रही है। यहां टेस्टिंग और आइसोलेशन रूम की भी व्यवस्था की जाएगी। एक दिन में भोजनावकाश से पहले 50 प्रतिशत क्षमता के साथ 70 दर्शकों और भोजनावकाश के बाद उतने ही आगुंतकों को पास करेंगे। इस सत्र के दौरान 480 पुलिसकर्मी, 70 होमगार्ड जवान और सीआईडी की टीम नियुक्त की गई है। 

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माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपनी नाकामियां छिपाने के लिए बजट सत्र के दिन कम कर दिए हैं। बजट सत्र की अवधि को मात्र 16 दिन के लिए सीमित कर दिया है। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले को उन्होंने सर्वदलीय बैठक में जोरदार तरीके से उठाया है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बजट सत्र के दिन बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा करने का आश्वासन दिया है। सिंघा ने कहा कि सदन के भीतर लोगों की समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। करुणामूलक संघ की मांगों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। कोरोना संकट के समय 102, 108 एंबुलेंस कर्मियों ने सराहनीय कार्य किया है। अब इन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है। निजी स्कूलों की फीस तय नहीं हो सकी है। निजी विश्वविद्यालय फर्जी डिग्रियों का केंद्र बन गया है। सरकार ने समाज के कई वर्गों को आश्वासन दिए हैं, जो अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। ऐसे में ये सभी वर्ग बजट सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करते नजर आएंगे।

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राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से  यहां राजभवन में पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने भेंट की। पुलिस महानिदेशक ने राज्यपाल को विधानसभा परिसर में सुरक्षा प्रबंधो के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समुचित एवं पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। प्रत्येक स्थिति में व्यापक निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी व्यवस्था और सुदृढ़ की गई है।

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