By अंकित सिंह | Feb 03, 2025
लोकसभा में सोमवार सुबह जैसे ही बजट सत्र फिर से शुरू हुआ, विपक्ष ने पिछले हफ्ते प्रयागराज में महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दौरान हुई भगदड़ में 30 लोगों की मौत को लेकर नारेबाजी की। स्पीकर ने विपक्षी नेताओं के व्यवहार की निंदा की है। प्रश्नकाल की समाप्ति के बाद महाकुंभ भगदड़ का मुद्दा उठाने के अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश के बावजूद विपक्ष ने नारेबाजी जारी रखी। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी सांसदों से व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में नारेबाजी करने वाले विपक्षी दलों के सदस्यों से कहा कि जनता ने उन्हें ‘मेज तोड़ने’ के लिए नहीं, बल्कि प्रश्न पूछने के लिए सदन में भेजा है। लोकसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल के बीच नारेबाजी कर रहे सदस्यों से कहा, ‘‘इस विषय का उल्लेख राष्ट्रपति महोदया ने अपने अभिभाषण में किया था। आप लोग अभिभाषण पर चर्चा के दौरान यह विषय रख सकते हैं।’’ उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल महत्वपूर्ण समय होता है जिसमें सरकार की जवाबदेही तय की जा सकती है। समाजवादी पार्टी के कुछ सदस्य जब आसन के निकट पहुंचकर जोरदार नारेबाजी करने लगे तो बिरला ने कहा, ‘‘आपको जनता ने मेज तोड़ने के लिए नहीं भेजा है। प्रश्न पूछने के लिए भेजा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर इसीलिए (मेज तोड़ने के लिए) भेजा है तो जोर-जोर से मारिये।’’ बिरला ने विपक्षी सदस्यों से सदन चलने देने की अपील की।