By अभिनय आकाश | Feb 17, 2026
तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने की खबर पर मुहर लगते ही काफी समीकरण बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं। जहां बांग्लादेश और भारत के संबंध फिर से मजबूत होने के संकेत मिलने लगे हैं। तो वहीं अब बांग्लादेश के पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर बहुत बड़ा सिग्नल मिला है। यह सिग्नल शेख हसीना की वतन वापसी और बीएनपी के साथ दोस्ती का है। पहला संकेत तो शेख हसीना के बेटे ने तभी दे दिया था जब बांग्लादेश के चुनाव नतीजों में तारिक रहमान की पार्टी बाजी मारती हुई दिखाई दी। इस दौरान शेख हसीना के बेटे सजीव वाजेद जॉय ने चौंकाने वाला दावा किया था। वाजेद ने दावा किया था कि उनकी पार्टी जल्द ही तारिक रहमान के साथ संपर्क साध सकती है। वाजेद का यह कदम जमात इस्लामी के बढ़ते प्रभाव को रोकने की एक सोची समझी कोशिश मानी जा रही है।
वाजेद ने चेतावनी दी थी कि अगर जमात सत्ता में आती या संसद में प्रभाव बढ़ाती तो बांग्लादेश में आतंकवाद का दौर फिर से शुरू हो जाता। बीएनपी देश का बड़ा राजनीतिक दल है। हम जल्द ही उनसे संपर्क करेंगे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया है कि आने वाले समय में आवामी लीग वापसी करेगी। शेख हसीना के बेटे का यह बयान आवामी लीग की उस पुरानी रणनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव है जो दशकों से बीएनपी को अपना सबसे कट्टर दुश्मन मानती रही है। लेकिन कहते हैं कि राजनीति में कब क्या हो जाए कुछ कह नहीं सकते। राजनीति में विरोधी कब दोस्त बन जाए, कब दोस्त बागी हो जाए, किसी को कुछ नहीं पता है। ऐसा ही कुछ अब बांग्लादेश की राजनीति से संकेत मिल रहे हैं। वहीं चुनाव के तुरंत बाद बांग्लादेश में शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग की गतिविधि शुरू हो गई है। खुलना में आवामी लीग के नेताओं ने नए सिरे से दफ्तर खोले हैं। दफ्तर में नेताओं का आनाजाना भी शुरू हो गया है। अगस्त 2024 में शेख हसीना के तख्ता पलट के बाद बांग्लादेश में आवामी लीग की गतिविधियों पर बैन लगा दिया गया था।
पार्टी को आम चुनाव में भाग लेने की भी अनुमति नहीं दी गई थी। लेकिन अब खुलना में पार्टी दफ्तर को नए सिरे से जीवित किया गया है। इस दफ्तर को जुलाई विद्रोह के दौरान जला दिया गया था। खुलना को एक वक्त में आवामी लीग का गढ़ माना जाता था। तो वहीं हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई थी जिसमें कहा गया था कि आवामी लीग के बड़े नेता देश लौटने की तैयारी में है। ये नेता मौके की तलाश में है। ये नेताओं की कोशिश फिर से जमीन पर आवामी लीग को मजबूत करना है। फिलहाल शेख हसीना भारत में है। हसीना की वापसी हो पाएगी या नहीं इसके बारे में पार्टी की तरफ से कुछ नहीं कहा गया है। हसीना पर बांग्लादेश में 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। उन्हें फांसी की सजा भी सुनाई जा चुकी है।