By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 01, 2022
बैंकॉक। म्यांमार की सैन्य सरकार और उसके विरोधियों ने देश के सबसे बड़े शहर यांगून के मध्य भाग में मंगलवार को हुए एक बम विस्फोट के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। इस विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई और नौ अन्य लोग घायल हो गए। इस विस्फोट की तस्वीरें एवं वीडियो सोशल मीडिया परव्यापक पैमाने पर साझा किए गए। सेना द्वारा पिछले साल लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची की निर्वाचित सरकार को अपदस्थ किए जाने के बाद से देश हिंसा से जूझ रहा है।
म्यांमा में पिछले साल सैन्य तख्तापलट के बाद हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को सेना और पुलिस ने बल प्रयोग से दबा दिया। इसके जवाब में सैन्य शासन के विरोधियों ने हथियार उठा लिए और अब वे देश के कई हिस्सों में उग्रवादी गतिविधियों को सक्रिय रूप से अंजाम दे रहे हैं। ‘असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स’ ने बताया कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 1,876 नागरिक मारे गए, जिनमें से ज्यादातर शहरों और कस्बों में रहते थे।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल’ ने म्यांमा की सेना पर देश के पूर्वी हिस्से में व्यापक पैमाने पर अत्याचार करने का बुधवार को आरोप लगाया, जो युद्ध अपराध और संभवत: मानवता के खिलाफ अपराध हैं। इस बीच, पूर्वी म्यांमा में शान राज्य के नौंग चो में एक शिक्षा कार्यालय में मंगलवार को एक और घातक बमबारी हुई और इसके लिए भी सरकारी मीडिया ने पीडीएफ और एनयूजी को जिम्मेदार ठहराया।