By डॉ. अनिमेष शर्मा | Feb 21, 2026
आज के डिजिटल दौर में लैपटॉप केवल टाइपिंग या इंटरनेट चलाने का साधन नहीं रहा, बल्कि पढ़ाई, ऑफिस, एंटरटेनमेंट, क्रिएटिव वर्क और एआई आधारित टूल्स तक हर काम के लिए इसका इस्तेमाल बढ़ चुका है। ऐसे में लैपटॉप खरीदते समय सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि कितनी स्टोरेज सही रहेगी। अगर स्टोरेज कम हो गई तो सिस्टम स्लो हो जाएगा और बार-बार फाइल्स डिलीट करनी पड़ेंगी। इसलिए खरीदने से पहले अपनी जरूरत को समझना बेहद जरूरी है।
अगर आप लैपटॉप का इस्तेमाल ईमेल, वेब ब्राउजिंग, ऑनलाइन क्लास, डॉक्यूमेंट एडिटिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और बेसिक ऑफिस वर्क के लिए करते हैं, तो 256GB स्टोरेज आपके लिए सही विकल्प माना जाता है।
हालांकि बाजार में 128GB स्टोरेज वाले लैपटॉप भी मिल जाते हैं और शुरुआती उपयोग के लिए यह पर्याप्त लग सकता है, लेकिन समय के साथ सॉफ्टवेयर अपडेट, विंडोज फाइल्स और एप्स का साइज बढ़ता जाता है। इससे स्टोरेज जल्दी भरने लगती है और सिस्टम की स्पीड भी कम हो सकती है।
इसी कारण विशेषज्ञों के अनुसार बेसिक यूजर्स के लिए 256GB बेहतर और संतुलित विकल्प है। अगर आप क्रोमबुक जैसे लैपटॉप लेते हैं, जहां ज्यादातर काम क्लाउड पर होता है, तो 128GB भी सामान्य उपयोग के लिए ठीक रह सकता है।
आजकल यूजर्स केवल ब्राउजिंग तक सीमित नहीं रहते। एक साथ कई टैब खोलना, स्प्रेडशीट पर काम करना, ऑनलाइन मीटिंग, म्यूजिक स्ट्रीमिंग और एआई टूल्स का उपयोग — ये सब ज्यादा स्टोरेज और बेहतर परफॉर्मेंस की मांग करते हैं।
एआई आधारित एप्लिकेशन, बड़े सॉफ्टवेयर और डेटा प्रोसेसिंग टूल्स अधिक स्पेस लेते हैं। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपका लैपटॉप आने वाले कुछ सालों तक बिना रुके स्मूद काम करे, तो ज्यादा स्टोरेज वाला विकल्प चुनना समझदारी होगी।
अगर आप फोटोग्राफर, वीडियो एडिटर, ग्राफिक डिजाइनर, कंटेंट क्रिएटर या गेमर हैं, तो 256GB स्टोरेज बहुत जल्दी भर जाएगी।
आजकल हाई-रेजोल्यूशन फोटो और 4K वीडियो काफी ज्यादा स्पेस लेते हैं। वहीं, कई ट्रिपल-ए गेम्स 50GB से लेकर 150GB तक स्टोरेज मांगते हैं। ऐसे में कुछ ही प्रोजेक्ट या गेम इंस्टॉल करने के बाद लैपटॉप की मेमोरी फुल हो सकती है।
इस प्रकार के यूजर्स के लिए कम से कम 1TB स्टोरेज लेना बेहतर माना जाता है। अगर आप प्रोफेशनल वीडियो एडिटिंग, 3D डिजाइनिंग या हार्डकोर गेमिंग करते हैं, तो 2TB या उससे अधिक स्टोरेज की जरूरत भी पड़ सकती है।
पहले के लैपटॉप में स्टोरेज बदलना आसान था। आप नई हार्ड ड्राइव या SSD लगाकर स्टोरेज बढ़ा सकते थे, लेकिन आजकल कई अल्ट्रा-थिन और प्रीमियम लैपटॉप में स्टोरेज मदरबोर्ड पर सोल्डर होती है। इसका मतलब है कि बाद में स्टोरेज बढ़ाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
अगर आप यह सोचकर कम स्टोरेज वाला लैपटॉप खरीद रहे हैं कि बाद में अपग्रेड कर लेंगे, तो पहले यह जरूर जांच लें कि उस मॉडल में SSD बदलने की सुविधा है या नहीं। गेमिंग लैपटॉप में अभी भी स्टोरेज अपग्रेड का विकल्प मिल जाता है।
अगर आपको बहुत ज्यादा लोकल स्टोरेज की जरूरत नहीं है, तो क्लाउड स्टोरेज एक शानदार विकल्प हो सकता है। आजकल ज्यादातर लोग फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट क्लाउड पर सेव करते हैं।
Google Photos और iCloud जैसी सेवाओं ने स्टोरेज की समस्या काफी हद तक खत्म कर दी है। इससे आप कहीं से भी अपनी फाइल्स एक्सेस कर सकते हैं।
अब तो वर्ड, एक्सेल और फोटो एडिटिंग जैसे सॉफ्टवेयर भी वेब वर्जन में उपलब्ध हैं, जिससे लैपटॉप में ज्यादा स्टोरेज की जरूरत कम हो जाती है। हालांकि, ध्यान रखें कि क्लाउड स्टोरेज के लिए इंटरनेट जरूरी होता है।
- केवल ब्राउजिंग और ऑफिस वर्क: 256GB पर्याप्त
- स्टूडेंट और मल्टी-टास्किंग यूजर: 512GB बेहतर
- क्रिएटिव प्रोफेशनल और गेमर: कम से कम 1TB
- एडवांस वीडियो/3D/हाई-एंड यूज: 2TB या अधिक
लैपटॉप खरीदते समय स्टोरेज को हल्के में न लें, क्योंकि यही आपके सिस्टम की स्पीड, परफॉर्मेंस और लाइफ तय करती है। हमेशा अपनी जरूरत, बजट और भविष्य के उपयोग को ध्यान में रखकर ही फैसला लें।
- डॉ. अनिमेष शर्मा