By अनुराग गुप्ता | Aug 03, 2021
बेंगलुरू। कर्नाटक में एक लिंगायत समुदाय के मुख्यमंत्री के जाने और दूसरे मुख्यमंत्री के आने के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा तेज हो गई है लेकिन लिंगायत समुदाय के बीच सबसे ज्यादा प्रभाव रखने वाले बीएस येदियुरप्पा के परिवार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से पहले येदियुरप्पा को लिंगायत समुदाय के धर्मगुरुओं ने अपना आशीर्वाद देते हुए कहा था कि वह आपके हर फैसले के साथ खड़े रहेंगे। ऐसे में आने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा उनके बेटे को बड़ा पद या फिर मंत्रिमंडल में कोई अहम मंत्रालय सौंप सकती है।
साल 2009 में भाजपा की युवा इकाई से राजनीति की शुरुआत करने वाले बीवाई विजयेंद्र ने कानून की पढ़ाई की हुई है। साल 2018 में बीवाई विजयेंद्र उस वक्त सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने भाजपा से तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांगा था। लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था।