By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 13, 2026
प्रशासनिक मंत्रालयों और सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) ने कॉरपोरेट कामकाज से जुड़े भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों का अनुपालन नहीं करने के बावजूद केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) के ‘एमओयू स्कोर’ में अंक नहीं काटे। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा कॉरपोरेट कामकाज की समीक्षा में 65 ऐसे सीपीएसई को शामिल किया गया, जिनके शेयर/बॉन्ड शेयर बाजारों में सूचीबद्ध थे।
इसके अलावा, सात सीपीएसई के निदेशक मंडल में कोई महिला निदेशक नहीं थी। वहीं, शीर्ष 1000 सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल 16 सीपीएसई में 2023-24 के पूरे या कुछ हिस्से के दौरान कोई महिला स्वतंत्र निदेशक नहीं थी। ‘एमओयू स्कोर’ भारत में सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) का मूल्यांकन करने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक प्रदर्शन मूल्यांकन मानक है।