Delhi की electricity subsidy में बिना खपत बांटे 42.26 करोड़ रुपये, CAG report में उजागर हुई खामी

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 07, 2026

नयी दिल्ली, सात अगस्त नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने 2019-20 से 2022-23 के बीच दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना में कई खामियां उजागर करते हुए कहा है कि बिना बिजली खपत वाले कनेक्शनों को भी 42.26 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को विधानसभा में कैग रिपोर्ट पेश किया। इसके मुताबिक, कम बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं को कम सब्सिडी मिली, जबकि अधिक खपत करने वालों को कहीं ज्यादा सब्सिडी दी गई।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई उपभोक्ताओं ने लगातार कई बिलिंग चक्रों तक शून्य खपत के बावजूद सब्सिडी का लाभ लिया। दिल्ली सरकार ने अगस्त 2019 में यह योजना शुरू की थी, जिसमें 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त और 201-400 यूनिट पर 50 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम 800 रुपये) दी जाती है। सब्सिडी खर्च 2019-20 के 2,405.59 करोड़ रुपये से बढ़कर 2022-23 में 3,161 करोड़ रुपये हो गया।

कैग ने अपनी रिपोर्ट में पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने और उपभोक्ता डेटा की नियमित जांच की सिफारिश की है, ताकि सब्सिडी सही लोगों तक पहुंचे और दुरुपयोग रोका जा सके। इसके साथ ही कैग ने दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) की बापरोला में मौजूद 81.42 एकड़ जमीन 17 साल तक उपयोग में नहीं लाए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। कैग रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2006 में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क के लिए ली गई जमीन पर बार-बार योजना बदलने से 29.45 करोड़ रुपये का खर्च बेकार गया।

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