By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 18, 2026
नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) के संजय मूर्ति ने सोमवार को कहा कि सरकारें तेजी से जटिल होते माहौल में काम कर रही हैं और नागरिक अधिक पारदर्शिता की अपेक्षा कर रहे हैं, ऐसे में सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्थानों (एसएआई) की भूमिका भी बढ़ गई है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) यहां शुरू हुए अनुवर्ती लेखापरीक्षा पर इनटोसाई कार्य समूह के दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। वर्ष 2025 में पेनांग (मलेशिया) में हुई पहली बैठक की प्रगति को आगे बढ़ाते हुए इस दूसरी बैठक में 2026 की कार्य योजना की समीक्षा करने और मौद्रिक तथा पर्यावरणीय परिणामों से लेकर डिजिटल तथा भ्रष्टाचार विरोधी परिणामों तक वास्तविक ऑडिट प्रभाव को मापने पर चर्चा हो रही है।
जहां अनुपालन और वित्तीय जवाबदेही बुनियादी बात बनी हुई है, वहीं विधायिका और नागरिक तेजी से इस बात का भरोसा चाहते हैं कि सार्वजनिक व्यय इच्छित परिणाम दे और ऑडिट सिफारिशों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।