By अभिनय आकाश | Sep 29, 2026
कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को नंदीग्राम और खेजुरी में उनके खिलाफ दर्ज सभी छह मामलों में अंतरिम ज़मानत दे दी। प्रधान के वकील ने इन छह मामलों में ज़मानत के लिए हाई कोर्ट में अर्ज़ी दी थी। वकील अशफ़ाक अहमद ने ANI को बताया कि राज्य सरकार ने ज़मानत अर्ज़ी का कड़ा विरोध किया, लेकिन बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि इनमें से एक मामला 19 साल पुराना है और नंदीग्राम आंदोलन से जुड़ा है। उनके खिलाफ़ सभी छह मामलों में उन्हें ज़मानत मिल गई है। उन्हें कुछ शर्तों के साथ अंतरिम ज़मानत दी गई है, जो 28 अक्टूबर तक लागू रहेगी। राज्य की ओर से इसका कड़ा विरोध किया गया, लेकिन हमारी दलील थी कि इनमें से एक मामला 19 साल पुराना है और एक आंदोलन से जुड़ा है," अहमद ने कहा। अहमद ने आगे आरोप लगाया कि इस कार्रवाई का मकसद प्रधान को नंदीग्राम उपचुनाव में प्रचार करने से रोकना था। उन्होंने कहा सरकार कांग्रेस से डरी हुई है। अगर कांग्रेस उम्मीदवार को बड़ी बढ़त मिलती है, तो वोट की चोरी का मामला सामने आ जाएगा। इसलिए, वोट की चोरी का सच सामने आने से रोकने के लिए, वे कांग्रेस उम्मीदवार को इतना डराना चाहते थे कि वह प्रचार न कर पाए और लोकतंत्र कमज़ोर हो जाए।" अहमद ने आरोप लगाया कि प्रधान के खिलाफ़ 19 साल पुराने मामले में कार्रवाई की गई, जबकि इसी तरह के मामलों में आंदोलन से जुड़े अन्य लोगों, जिनमें बीजेपी नेता भी शामिल हैं, का नाम भी था।