Calcutta High Court ने KMC चुनाव अधिसूचना पर लगाई रोक

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 06, 2026

कोलकाता, छह नवंबर कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने शुक्रवार को वार्ड परिसीमन पर एक अर्जी का एकल पीठ द्वारा निस्तारण किए जाने तक पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) को कोलकाता नगर निगम चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करने से रोक दिया। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने आगामी चुनाव से पहले वार्डों की सीमाओं में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की है जिसके तहत, नगर निकाय में वार्डों की संख्या 144 से बढ़कर 209 हो सकती है। एक याचिकाकर्ता ने परिसीमन प्रक्रिया को चुनौती दी है तथा अदालत से अनुरोध किया है कि केएमसी वार्डों की संख्या तय करने की पूरी प्रक्रिया को अमान्य घोषित किया जाए और 11 सितंबर की अधिसूचना को रद्द कर दिया जाए।

उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति अर्जुन रे मुखर्जी की अवकाशकालीन खंडपीठ ने राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि जब तक एकल पीठ के सामने लंबित याचिका का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक वह केएमसी चुनाव के लिए कोई अधिसूचना जारी न करे। याचिकाकर्ता पूर्व माकपा पार्षद दीपू दास ने दावा किया कि केएमसी में कोई निर्वाचित परिषद नहीं है और आठ जून को सदन के भंग होने के बाद इस नगर निकाय की पूर्व अध्यक्ष स्मिता पांडे को इसका प्रशासक नियुक्त कर दिया गया था। याचिकाकर्ता ने परिसीमन अधिसूचना के अमल पर अंतरिम रोक लगाने और एसईसी को केएमसी चुनाव के लिए कोई भी अधिसूचना जारी करने से रोकने का अनुरोध किया है।

एकल पीठ ने 29 अक्टूबर को याचिकाकर्ता की अंतरिम रोक की मांग को खारिज कर दिया था और संबंधित पक्षों से हलफनामे मांगे थे। याचिकाकर्ता ने एकल पीठ के आदेश को चुनौती देते हुए खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि परिसीमन की प्रक्रिया वास्तविक जनसंख्या के बजाय मतदाता सूचियों के आधार पर की गई है, जिसके कारण बड़ी संख्या में निवासी इस प्रक्रिया से बाहर रह जायेंगे।

प्रमुख खबरें

Diwali पर पाना है रॉयल लुक तो Radhika Merchant के इन Saree कलेक्शन से लें इंस्पिरेशन

Delhi CM Rekha Gupta पर नहीं होगी FIR, कोर्ट ने खारिज की अर्जी, 19 नवंबर को अगली सुनवाई

प्रतिबंधित PLA का सदस्य रेगन सिंह Delhi से गिरफ्तार, Manipur Police को सौंपा गया

Indian Air Force ने लोक कल्याण मार्ग स्थित 39.5 एकड़ Sports Complex मंत्रालय को सौंपा