कैमरा, कोण और दृष्टिकोण (व्यंग्य)

By अरुण अर्णव खरे | Feb 17, 2022

राजनीति में तीन चीजें- कैमरा, कोण और दृष्टिकोण अत्यन्त महत्वपूर्ण है। जिस नेता ने इन चीजों को अच्छे से समझ लिया, सफलता उसके कदमों में होती है। बटुक जी ऐसे ही नेता हैं इसलिए सफलता के शिखर पर हैं। उनका दृष्टिकोण साफ है। पार्टी और नीतियाँ एक सीमा तक ही उन्हें बाँधकर रख पाती है। अपने जमीर, अपनी अंतरात्मा को उन्होंने इस भार से मुक्त रखा है। निष्ठा और भावनात्मक लगाव जैसे शब्द उन्होंने राजनीति के शुरुआती दिनों में ही अपने शब्दकोष से बाहर कर दिए थे। नैपोलियन की ही तरह असंभव शब्द भी उन्हें पसन्द नहीं है इसलिए वह बाएँ से दाएँ और दाएँ से बाएँ किसी भी पार्टी में आसानी से आवागमन कर लेते हैं। दूरदृष्टि और पक्का इरादा उनका ध्येय वाक्य है। कुर्सी कभी उनकी दृष्टि के दायरे से बाहर नहीं रही। उनकी दृष्टि में पद का हमेशा अहम स्थान पर रहा है। येन, केन प्रकारेण वह पद पाकर ही रहते हैं। यही पक्का इरादा लेकर वह राजनीति में आए थे। उनका मानना है कि पद है तो पैसा है और पैसा है तो प्रतिष्ठा है। परिस्थिति अनुसार यह क्रम बदला भी जा सकता है यानि कि पैसों के साथ पद का ऑफर मिले तो वह चलती हुई सरकार गिराने से भी गुरेज नहीं करते। दृष्टिकोण का यही लचीलापन, यही तरलता उन्हें हाशिए पर नहीं जाने देती, हमेशा मध्य में बनाए रखती है।

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राजनीति में कोण के महत्व को भी वह बखूबी जानते हैं। उन्हें पता है कि किसके सामने कितने डिग्री के कोण से झुकना है। दृष्टिकोण की तरह उनका शरीर भी लचीला है। वह आवश्यकतानुसार 45 डिग्री से लेकर 180 डिग्री के कोण तक झुक लेते हैं। उनका शरीर स्वमेव अपने वरिष्ठों के सामने 90 डिग्री और आलाकमान के सामने 180 डिग्री तक झुक जाता है। इसलिए उनके सारे पाप और कुकर्म गौण रहे आते हैं। वह जिस भी पार्टी में जाते हैं, स्वीकार कर लिए जाते हैं। उन्हें टिकट और पद के संकट का सामना नहीं करना पड़ता। चूँकि वह किसी के प्रति निष्ठाभाव नहीं रखते अतएव अपनी ही कही बात पर आसानी से 360 डिग्री का टर्न ले सकते हैं।

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नेतागिरी को चमकाने में कैमरे के रोल को उन्होंने शुरुआती दिनों में ही समझ लिया था। इसलिए स्वयं को अपरिहार्य बनाए रखने के लिए वह कैमरे का सदुपयोग और दुरुपयोग दोनों पूर्ण सजगता और समझदारी से करते आए हैं। उनके पास स्पाई कैमरे से शूट किए गए सैकड़ों नेताओं के अंतरंग क्षणों के रंगीन दस्तावेज हैं जिनका उपयोग वह हर पार्टी में अपनी हैसियत बनाए रखने के लिए करते आए हैं। इस मामले में वह पूर्ण सतर्कता बरतते हैं। वह वीडियो लीक करने की धमकी भर देते हैं, वीडियो लीक करने के बारे में सोचते नहीं। उनको भी तो अंदर ही अंदर डर सताता है कि कहीं किसी प्रतिद्वंद्वी के पास उनका भी कोई ऐसा-वैसा वीडियो न हो। कैमरे के सदुपयोग के मामले में वह बहुत संवेदनशील हैं। सार्वजनिक स्थानों पर धोखे से भी कोई उनके और कैमरे के बीच नहीं आ सकता। कैमरे का पूरा फोकस उन पर रहे, इसके लिए वह पूरी तरह चौकस रहते हैं। उनके साथ चलने वाले बाउंसर्स को भी इस काम के लिए प्रशिक्षित किया गया है। ये बाउंसर्स मौका पड़ने पर किसी की भी बाजू पकड़ कर किनारे पर खींच सकते हैं ताकि कैमरा सभी कोणों से बटुक जी पर ही फोकस करे।


बटुक जी इस बार भी मैदान में हैं अपने दृष्टिकोण, कैमरे और अष्टकोणीय लचीले शरीर के साथ। देखते हैं क्या होता है।


- अरुण अर्णव खरे

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