By अभिनय आकाश | Nov 19, 2024
सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी गहरे द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को मजबूत करने के लिए इस सप्ताह नेपाल की चार दिवसीय यात्रा पर होंगे। जनरल द्विवेदी की नेपाल यात्रा में गोरखाओं की भर्ती को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है, इसलिए यह यात्रा और भी खास हो जाती है। नेपाल सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में गोरखा सैनिकों को भेजने से इनकार कर दिया है। जनरल द्विवेदी 20 से 24 नवंबर तक अपनी यात्रा के दौरान, युद्ध अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से लेकर आधुनिकीकरण और क्षमता निर्माण तक, दोनों सेनाओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे करीबी सैन्य सहयोग को और बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
नेपाल और भारत की सेना के बीच मजबूत संबंध है। दोनों देश अपने प्रतिष्ठित सैन्य संस्थाओं में एक दूसरे की सेना के सैनिको को कोर्स भी करवाते है। डिफेंस सूत्रों के मुताबिक, इसी साल भारत में नेपाल सेना के 300 से ज्यादा सैनिको को ट्रेड किया गया। इसमे काउंटर इनसरजेसी, लीडरशिप डिवेलपमेंट और पीसकीपिंग पर फोकस किया गया। अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने में दोनों देश अहम साझेदार है। जनरल द्विवेदी की यात्रा का फोकस दोनों देशों की सेनाओं में चल रहे मॉर्डनाइजेशन पर भी होगा।