By दिव्यांशी भदौरिया | Feb 03, 2026
डायबिटीज को लेकर लोगों के मन में यह जिज्ञासा अक्सर रहती है कि क्या दवाओं और खान-पान के परहेज के अलावा कोई प्राकृतिक उपाय भी है, जो ब्लड शुगर को संतुलित रखने में सहायक हो सके। कुछ लोगों का मानना है कि रोजाना थोड़ी देर धूप में बैठने से शुगर लेवल पर सकारात्मक असर पड़ता है, जबकि कुछ इसे केवल एक भ्रम समझते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इसकी सच्चाई क्या है। दरअसल, डायबिटीज केवल बढ़े हुए ब्लड शुगर तक सीमित बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर के मेटाबॉलिज्म, हार्मोन संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य से भी गहराई से जुड़ी होती है। खराब नीदं, तनाव और एक्सरसाइज न करने पर शुगर लेवल बिगाड़ सकता है। आइए जानते है कि धूप लेने से डायबिटीज कंट्रोल कैसे होता है।
क्या धूप लेने से डायबिटीज कंट्रोल हो सकती है?
धूप को डायबिटीज का सीधा इलाज नहीं माना जा सकता, लेकिन अगर इसे सही समय और उचित मात्रा में लिया जाए, तो यह शरीर में ऐसे सकारात्मक बदलाव ला सकती है जो डायबिटीज को नियंत्रित करने में मददगार हो सकते हैं। डॉक्टर जी. कृष्ण मोहन रेड्डी के अनुसार, सूर्य की रोशनी विटामिन D प्राप्त करने का सबसे प्राकृतिक माध्यम है। जब शरीर को भरपूर धूप मिलती है, तो त्वचा के माध्यम से विटामिन D का निर्माण होता है, जो शरीर के कई जरूरी कार्यों में अहम भूमिका निभाता है। हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया है कि केवल धूप में बैठने से डायबिटीज कंट्रोल नहीं होती है। न तो यह दवा का विकल्प है और न ही डाइट या एक्सरसाइज का। वहीं, जो लोग रोज धूर लेते हैं उनका मेटाबॉलिज्म बेहतर रहता है और शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार देखा जा सकता है। इसका सीधा अर्थ है कि धूप सपोर्टिव रोल निभा सकती हैं, लेकिन इलाज का मुख्य आधार नहीं बन सकती।
- रिसर्च में भी यही पाया गया है कि जिन लोगों में विटामिन-D की कमी होती है, उनमें इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा अधिक रहता है।
- विटामिन डी शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है।
- डायबिटीज के मरीजों के लिए रोजाना 15 से 25 मिनट की धूप पर्याप्त मानी जाती है। सुबह की हल्की धूप लेना सेहत के लिए भी अच्छा होता है।