बेसहारा, आवारा पशुओं को 10 जनवरी तक गो-संरक्षण केन्द्रों में पहुंचाएं: योगी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 03, 2019

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांजी हाउस का नाम बदलकर गो-संरक्षण केन्द्र रखने तथा आगामी 10 जनवरी तक बेसहारा एवं आवारा पशुओं को गो-संरक्षण केन्द्रों में पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बुधवार रात गोवंश के संरक्षण के लिए वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को सम्बोधित किया। इस दौरान योगी ने जिलाधिकारियों को कांजी हाउस का नाम बदलकर गो-संरक्षण केन्द्र रखने तथा आगामी 10 जनवरी तक बेसहारा एवं आवारा पशुओं को गो-संरक्षण केन्द्रों में पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही योगी ने कहा कि गो-संरक्षण केन्द्रों में पशुओं के चारे, पानी और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जहां पर चहारदीवारी नहीं है वहां फेन्सिंग की व्यवस्था की जाए। इन केंद्रों में पशुओं की देखरेख करने वालों की नियुक्ति की जाए। 


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गौरतलब है कि मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया था कि गोवंशीय पशुओं के अस्थायी आश्रय स्थलों की स्थापना एवं संचालन के लिए मंडी शुल्क से प्राप्त आय का दो फीसदी, प्रदेश के लाभकारी उद्यमों एवं निर्माणदायी संस्थाओं के लाभ का 0.5 प्रतिशत तथा यूपीडा जैसी संस्थाओं के टोल टैक्स में 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त राशि गो कल्याण उपकर :सेस: के रूप में ली जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने भी कुछ समय पहले लावारिस गायों के लिए आश्रय स्‍थल बनाने की बात कही थी। अब कल उप्र मंत्रिमंडल ने उन उत्‍पादों पर 0.5 प्रतिशत अतिरिक्‍त लेवी लगाने का फैसला किया है, जिन पर एक्‍साइज ड्यूटी लगती है। मंत्रिमंडल ने मंगलवार को इससे संबंधित फैसले को मंजूरी दी।इसे 'गौ कल्याण सेस' नाम दिया गया है और इसका इस्‍तेमाल प्रदेशभर में गौ रक्षा के साथ-साथ सड़क पर घूमने वाले आवारा पशुओं के लिए आश्रय स्‍थल बनाने में किया जाएगा।

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