छत्तीसगढ़ के तीन अधिकारियों, रायपुर के महापौर के भाई के खिलाफ उप्र में मामला दर्ज

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 31, 2023

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पुलिस नेभारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के दो अधिकारियों सहित छत्तीसगढ़ सरकार के तीन अफसरों और रायपुर के महापौर ऐजाज ढेबर के बड़े भाई के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और आपराधिक साजिश की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्राथमिकी छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में कथित शराब घोटाले की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही जांच के आधार पर दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में कथित तौर पर 2,000 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के उप निदेशक (रायपुर) की शिकायत पर रविवार को कासना थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है उनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी अनिल टुटेजा, भारतीय दूरसंचार सेवा (आईटीएस) अधिकारी और आबकारी विभाग में विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी, आईएएस अधिकारी और आबकारी विभाग में आयुक्त निरंजन दास, व्यवसायी विधु गुप्ता, रायपुर के महापौर एवं कांग्रेस नेता ऐजाज ढेबर के बड़े भाई अनवर ढेबर शामिल हैं।

ईडी अधिकारी ने कहा कि होलोग्राम राज्य में प्रामाणिक शराब की बिक्री सुनिश्चित करने की एक सुरक्षा प्रणाली है लेकिन नोएडा में जाली होलोग्राम का उत्पादन करके ‘शराब माफिया को उस सुरक्षा प्रणाली का इस्तेमाल कर उपभोक्ताओं को धोखा देने दिया गया।’ अधिकारी ने दावा किया, ‘‘ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि आपराधिक साजिश के तहत इस कंपनी को ठेका दिया गया था। प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड (मैसर्स पीएचएसएफ) को शराब माफिया को जाली होलोग्राम की सुचारू आपूर्ति करने के लिए ठेका दिया गया था। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘होलोग्राम नोएडा की एक फैक्ट्री में बनाए जाते थे और फिर ‘शराब सिंडीकेट के नेताओं’ के निर्देशों के अनुसार छत्तीसगढ़ भेजे जाते थे।’’ उन्होंने बताया कि ‘‘व्यवस्था के तहत पांच साल में 80 करोड़ होलोग्राम की आपूर्ति का ठेका दिया गया था।’’ प्राथमिकी के अनुसार दो अप्रैल को अपने बयान में, फर्म के प्रबंध निदेशक गुप्ता ने अपनी भूमिका स्वीकार की और कहा कि मूल और डुप्लिकेट दोनों होलोग्राम ग्रेटर नोएडा के कसाना स्थित कारखाने में बनाए जाते थे।

स्थानीय पुलिस ने बताया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 468, 471 (दोनों जालसाजी से संबंधित), 473 (जालसाजी के लिए नकली मुहर बनाना या रखना), 484 (लोक सेवक द्वारा इस्तेमाल किया गया नकली चिह्न) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। धनशोधन का यह मामला टुटेजा और अन्य के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत के समक्ष 2022 में आयकर विभाग द्वारा दायर आरोप पत्र पर आधारित है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहले अपने राज्य में धनशोधन मामले और कथित कोयला लेवी घोटाले से जुड़े एक अन्य मामले में ईडी की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा था, ‘‘पूरी कार्रवाई राज्य और केंद्र के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं के इशारे पर की जा रही है।’’ वहीं, भाजपा की छत्तीसगढ़ इकाई ने विभिन्न सरकारी विभागों में अनियमितता का आरोप लगाया है।

प्रमुख खबरें

ICC T20 World Cup: Shafali Verma का बड़ा बयान, ऑस्ट्रेलिया को हराने का भरोसा, Semifinal पर नजर

Rajnath Singh का बयान अफवाहों का था जवाब, Operation Sindoor पर भ्रम फैलाने वालों को MoD ने दिया करारा जवाब

China के 109 मंजिला बुर्ज खलीफा से टकराया विमान, उड़ गए परखच्चे, Video

TET पेपर लीक पर सियासी घमासान, राहुल गांधी बोले- हर युवा असुरक्षित, ये भविष्य की चोरी है