रेणुका चौधरी के खुलासे के बाद राजनीतिक जमात को जैसे सांप सूंघ गया है

By संजय तिवारी | Apr 28, 2018

इसे विडम्बना कहें या प्रगतिशीलता का विकृत स्वरुप। दुःख व्यक्त करें, गुणगान करें। करें तो क्या करें। लगता तो यह है कि पूरे कुएं में भांग पड़ चुकी है। भारत की स्वाधीनता के 70 वर्षों में हम किस तरह के समाज का निर्माण कर सके और कैसी सभ्यता विकसित कर रहे हैं। यह कितनी बड़ी विद्रूपता है कि फ़िल्मी दुनिया की सरोज खान जब वहां कास्टिंग काउच की चर्चा करती हैं तो देश की एक बड़ी राजनेता रेणुका चौधरी स्वीकार करती हैं कि संसद भी इससे अछूती नहीं है। सरोज के बयान पर फ़िल्मी जगत में तो हलचल भी है लेकिन रेणुका चौधरी की स्वीकारोक्ति के बाद राजनीतिक जमात को साप सूंघ गया है। कोई प्रतिक्रया तक नहीं। ये दोनों बयान ऐसे माहौल में आये हैं जब देश में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और बलात्कार जैसे मुद्दे पर बवाल मचा हुआ है।

संसद भी अछूती नहीं: रेणुका चौधरी

इसी कड़ी में पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने सरोज खान के बयान का यह कहकर समर्थन किया है कि कास्टिंग काउच सिर्फ फिल्‍म इंडस्‍ट्री तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा लगभग हर क्षेत्र में होता है जो एक कड़वा सच है। रेणुका चौधरी ने एक बयान में कहा, 'देखिए, कास्टिंग काउच सिर्फ फिल्‍म इंडस्‍ट्री में ही नहीं होता है। महिलाओं के साथ ऐसा हर क्षेत्र में हो रहा है। ये हमारे समाज का एक कड़वा सच है, जिसे नकारा नहीं जा सकता। अगर आप यह सोचते हैं कि देश की संसद या कोई और काम की जगह इससे बची है, तो ऐसा बिल्‍कुल नहीं है। हर क्षेत्र में महिलाओं के साथ शोषण होता है। अब समय आ गया है लोग सामने आएं और बताएं कि उनके साथ कब और कहां ऐसा हुआ। 

रेणुका चौधरी के बयान से जाहिर होता है कि राजनीति में भी कास्टिंग काउच का गंदा खेल खेला जाता है। इससे पूर्व भी रेणुका चौधरी ऐसे बयान दे चुकी हैं। अदालत के एक फैसले के बाद उन्होंने कहा था कि   बालिग लड़कियां सहमति से यौन संबंध बना सकती हैं और इसके लिए महिलाओं को कोर्ट के अनुमोदन की जरूरत नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने दिल्ली की एक अदालत के फैसले पर टिप्पणी करते हुए सह बात कही थी। कोर्ट ने कहा था, 'कुछ मामलों में सामने आया है कि पहले महिलाएं सहमति से संबंध बनाती हैं और बाद में इसे दुष्कर्म का नाम दे देती हैं। कोर्ट ने यह भी कहा था कि लड़कियों को सदाचार और सामाजिक आधार पर भी शादी से पहले संबंध स्थापित नहीं करने चाहिए। चौधरी के मुताबिक, इसमें कुछ हद तक सच्चाई भी हो सकती है कि पहले महिलाएं सहमति से संबंध बनाती हों और बाद में बदल जाती हों, लेकिन यह पूरी तरह से लागू होने वाला सच नहीं है। फिर भी मैं फैसले और जज की टिप्पणी पर कुछ नहीं कह सकती। मैं सिर्फ इतना कह सकती हूं कि महिलाओं के सामने बड़ी चुनौती है। साथ ही, महिलाओं को सहमति से यौन संबंध बनाने का अधिकार है। हमें 18 वर्ष की आयु के बाद इसके लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है और न ही अदालत के फैसले या अनुमोदन की दरकार है।

कौन हैं सरोज खान 

सरोज खान 2000 से भी ज्यादा गानों को कोरियोग्राफ कर चुकीं हैं। उनका जन्म 22 नवंबर, 1948 को हुआ था। उनका असली नाम निर्मला नागपाल है। पार्टिशन के बाद सरोज का परिवार पाकिस्तान से भारत आ गया था। महज 3 साल की उम्र में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट सरोज ने कॅरियर की शुरुआत फिल्म 'नजराना' से की थी। सरोज खान ने 13 साल की उम्र में इस्लाम कबूल कर 43 साल के डांस मास्टर बी सोहनलाल से शादी की थी। सरोज की उम्र से लगभग 30 साल बड़े सोहनलाल की यह दूसरी शादी थी। वे पहले ही चार बच्चों के पिता थे। एक इंटरव्यू में सरोज ने बताया था कि 13 साल की उम्र में वे स्कूल जाया करती थीं और शादी के मायने नहीं जानती थी। एक दिन उनके डांस मास्टर सोहनलाल ने उनके गले में काला धागा बांध दिया था, ऐसा करने पर सरोज को लगा कि उनकी शादी हो गई।

अभिनेत्री श्रीरेड्डी ने खुल कर की बात

सरोज के इस बयान को लेकर दक्षिण भारत की अभिनेत्री श्री रेड्डी ने प्रतिक्रिया व्यक्त किया है। श्री रेड्डी ने कहा, 'मैं आपकी बहुत इज्जत करती हूं सरोज मैम। एक बड़ी पर्सनैलिटी और बुजुर्ग होने के नाते आपको नए एक्टर्स को सही रास्ता दिखाना चाहिए। एक्टर्स को प्रोड्यूसर का स्लेव होना चाहिए, ये बात गलत इंडिकेशन दे रहा है।' आपको बता दें कि पिछले दिनों श्री रेड्डी ने तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की थी। श्री रेड्डी सुर्खियों में तब आई थीं जब उन्होंने अपना विरोध जताने के लिए बीच सड़क अपने कपड़े उतारना शुरू कर दिया था। एक्ट्रेस श्री रेड्डी ने कास्टिंग काउच के मामले पर कोई एक्शन नहीं लेने के आरोप के तहत ऐसा कदम उठाया था। एक्ट्रेस ने शोषण करने वाले इंडस्ट्री के कई बड़े नामों का खुलासा करने की धमकी भी दी थी। उन्होंने कई टॉप साउथ की फिल्मों के निर्माताओं, निर्देशकों और एक्टर्स पर काम के बदले यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। एक्ट्रेस ने मांग की है कि फिल्म उद्योग में मूल तेलुगू स्ट्रग्लिंग एक्टर्स को 75 प्रतिशत मौका दिया जाना चाहिए और तेलुगू फिल्म चैंबर में भी सदस्यता देनी चाहिए।

एक अन्य अभिनेत्री ने साझा किये अपने अनुभव

सरोज खान के इस बयान के बाद एक अभिनेत्री ने भी अपने अनुभव शेयर किया है। इस अभिनेत्री ने एक विदेशी समाचार एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि कैसे एक शख्स ने उसे काम देने के बहाने उसके कपड़ों के अंदर हाथ डाल दिया था। एक्ट्रेस ने बताया, 'एक कास्टिंग एजेंट ने मुझसे कहा कि तुम मुझे पसंद हो। लेकिन मैं तुम्हारे साथ संबंध बनाना चाहता हूं। जब मैंने इसका विरोध किया तो उसने कहा कि ना कहोगी तो मेरी फिल्म में रोल नहीं मिलेगा। मेरी मर्जी के खिलाफ उसने मेरे शरीर को छुआ।' एक्ट्रेस आगे कहती है, 'उसने मुझे किस किया। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था और तभी उसने मेरे कपड़ों के अंदर हाथ डाल दिया।' जब एक्ट्रेस से पूछा गया कि उन्होंने इसके खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाई तो उनका जवाब चौंकाने वाला था।

एक्ट्रेस ने कहा, 'अगर मैं ये बात सबसे बताती तो उल्टा मुझे ही ब्लेम किया जाता। लोग सोचते कि मेरे अंदर टैलेंट नहीं है। इसलिए ऐसा हुआ। मेरा कॅरियर बर्बाद हो जाता।' वहीं एक और एक्ट्रेस ने बताया कि एक कास्टिंग एजेंट ने मुझसे कहा कि एक्ट्रेस बनना है तो ये सब करना पड़ेगा। जब एक्ट्रेस ने कास्टिंग एजेंट को मना कर दिया तो उसने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में रहने के लिए तुम्हारा ये एटिट्यूड ठीक नहीं है। इसके बाद एक्ट्रेस ने उसकी फिल्म छोड़ दी। हालांकि इस एक्ट्रेस को कॅरियर बर्बाद करने की धमकी भी दी गई थी।

कोट:

राधिका आप्टेः 'बॉलीवुड में कुछ लोग खुद को भगवान समझते हैं। एक्टर या एक्ट्रेस इस डर से नहीं बोलते कि उन्हें काम मिलना बंद हो जाएगा। अगर सभी साथ मिलकर इसके खिलाफ आवाज उठाएं तो कास्टिंग काउच जैसे शब्द को खत्म किया जा सकता है।'

-संजय तिवारी

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