सीबीआई ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ‘क्लोजर रिपोर्ट’ दाखिल की: अधिकारी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 23, 2025

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े दो मामलों में अलग-अलग क्लोजर रिपोर्ट दखिल की है। एक मामला उनके पिता द्वारा दर्ज सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित है, जबकि दूसरा मामला अभिनेता की कथित गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती ने उनकी बहनों के खिलाफ दर्ज कराया है।

उपरोक्त अधिकारियों ने बताया कि अब अदालतें तय करेंगी कि रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या एजेंसी को आगे की जांच का आदेश दिया जाए। रिया के वकील सतीश मानेशिंदे ने क्लोजर रिपोर्ट की सराहना की और सीबीआई को ‘‘सभी कोणों से मामले के हर पहलू की गहन जांच करने’’ के लिए धन्यवाद दिया।

सुशांत सिंह राजपूत मुंबई के बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में 14 जून 2020 को फंदे से लटके हुए पाए गए थे। वह 34 साल के थे। कूपर अस्पताल में किए गए पोस्टमार्टम से यह निष्कर्ष निकला था कि अभिनेता की मौत दम घुटने के कारण हुई।

सीबीआई ने दो अलग-अलग मामलों की जांच की - एक केके सिंह द्वारा पटना पुलिस में दायर किया गया मामला था, जिसमें चक्रवर्ती पर आत्महत्या के लिए उकसाने और अभिनेता के खातों से 15 करोड़ रुपये निकालने का आरोप लगाया गया; और दूसरा मामला चक्रवर्ती द्वारा बांद्रा में दायर किया गया था, जिसमें सुशांत की बहनों पर दिल्ली के एक डॉक्टर द्वारा जारी फर्जी पर्चे के आधार पर उन्हें दवाएं देने का आरोप लगाया गया है।

बांद्रा पुलिस के समक्ष दर्ज और बाद में सीबीआई द्वारा जांच अपने हाथ में लिए गए मामले में रिया ने आरोप लगाया था कि इन दवाओं को गलत तरीके से दिए जाने के पांच दिन बाद सुशांत की मृत्यु हो गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि विशेषज्ञों की राय, अपराध स्थल विश्लेषण, गवाहों के बयान और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंची कि इस आरोप को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं हैं कि किसी ने अभिनेता को आत्महत्या के लिए मजबूर किया होगा।

उन्होंने बताया कि एजेंसी ने आखिरकार अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने का निर्णय लिया है, जिससे बॉलीवुड स्टार की मौत के इर्द-गिर्द पांच साल से चल रही साजिश की अटकलों पर विराम लग जाएगा। रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मानेशिंदे ने सीबीआई द्वारा दाखिल क्लोजर रिपोर्ट की सराहना की।

उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘हम सीबीआई के आभारी हैं कि उसने मामले के हर पहलू की सभी कोणों से गहन जांच की और केस को बंद कर दिया।’’ मानेशिंदे ने कहा, ‘‘सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में झूठी कहानियां फैलाना पूरी तरह से अनुचित है।

प्रमुख खबरें

Stubble Burning पर Bhagwant Mann बोले किसानों पर FIR नहीं, मिले नकद प्रोत्साहन

BSEB 29 जिलों में ₹330.07 करोड़ की लागत से बनाएगा हाईटेक परीक्षा भवन-सह-वज्रगृह

20 September History: 1857 में अंतिम मुगल बादशाह Bahadur Shah Zafar ने किया था आत्मसमर्पण

MS NOW, CNN और Politico की व्हाइट हाउस में एंट्री बैन, फेक न्यूज का आरोप लगाकर ट्रंप ने रिपोर्टर को रोका