By अंकित सिंह | Oct 14, 2026
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने बुधवार को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट (NEET-UG) 2026 पेपर लीक मामले में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि इसके साथ ही लीक मामले की जांच पूरी हो गई है। दिल्ली की अदालत में सौंपी गई ताज़ा रिपोर्ट में एक और प्राइवेट व्यक्ति का नाम शामिल किया गया है। इससे पहले, 28 जुलाई को दाखिल पहली चार्जशीट में 13 लोगों के नाम थे, जिनमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा हायर किए गए तीन सब्जेक्ट एक्सपर्ट, बिचौलिए और कोचिंग सेंटर के प्रतिनिधि शामिल थे।
पेपर लीक मामले में पहली चार्जशीट 28 जुलाई को दायर की गई, जिसमें 13 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें NTA द्वारा नियुक्त तीन विषय विशेषज्ञ भी शामिल थे - बॉटनी और ज़ूलॉजी के लिए मनीषा गुरुनाथ मंधारे, केमिस्ट्री के लिए प्रह्लाद विट्ठलराव कुलकर्णी और फ़िज़िक्स के लिए मनीषा संजय हवलदार। CBI ने तब कहा था कि उसने अन्य साज़िशकर्ताओं की भूमिका की जांच खुली रखी है, ताकि सेंट्रल फ़ोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL), गवर्नमेंट एग्ज़ामिनर ऑफ़ क्वेश्चन्ड डॉक्यूमेंट्स (GEQD) और दिल्ली यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों की राय वाली रिपोर्ट जमा की जा सके।
एक अधिकारी ने बताया कि नई चार्जशीट में फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट भी शामिल है। दूसरे अधिकारी ने कहा कि यह पता लगाने के लिए गहन जांच की गई कि क्या NTA का कोई अधिकारी या कोई अन्य सरकारी अधिकारी इस लीक में शामिल था, लेकिन ऐसी कोई संलिप्तता नहीं पाई गई। CBI की पहली चार्जशीट के अनुसार, NTA ने NEET-UG 2026 का प्रश्न पत्र तैयार करने के कई चरणों में उन्हीं तीन विषय विशेषज्ञों (subject experts) का इस्तेमाल किया - उनमें से एक तो प्रश्न लिखने से लेकर बैक-ट्रांसलेशन तक, सभी चार चरणों में शामिल था - और उन्हें अंतिम चरण के दौरान परीक्षा के सभी चार मास्टर प्रश्न सेट देखने की अनुमति दी।