Corruption के खिलाफ लड़ाई जारी, Lalu-Rabri को मिला पेशी का समन, Manish Sisodia 20 मार्च तक तिहाड़ भेजे गये

By नीरज कुमार दुबे | Mar 06, 2023

भ्रष्टाचार के खिलाफ देशभर में जारी अभियान के तहत आज का दिन काफी महत्वपूर्ण रहा। दिल्ली में जहां शराब घोटाला मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को 20 मार्च तक न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया वहीं बिहार में सीबीआई की एक टीम ने नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले की जांच के सिलसिले में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से उनके आवास पर पूछताछ की। इस सबसे विपक्ष के नेता बौखला उठे हैं और जांच एजेंसियों की कार्रवाई को प्रतिशोध की राजनीति या तालिबानी कार्रवाई करार दे रहे हैं। लेकिन विपक्ष के इन नेताओं को समझना चाहिए कि भ्रष्टाचार के खिलाफ देशभर में जो अभियान चल रहा है उसकी आलोचना करने की बजाय यदि सभी दल उसका एक सुर में समर्थन कर दें तो भारत से भ्रष्टाचार का खात्मा होते देर नहीं लगेगी।

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हम आपको बता दें कि यह मामला लालू प्रसाद के परिवार को तोहफे में जमीन दे कर या जमीन बेचने के बदले में रेलवे में कथित तौर पर नौकरी दिए जाने से संबंधित है। यह मामला तब का है जब लालू प्रसाद 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों को मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में स्थित रेलवे के विभिन्न जोन में 2004-2009 के दौरान ग्रुप-डी पदों पर नियुक्त किया गया और इसके बदले में उन लोगों ने या उनके परिवार के सदस्यों ने लालू प्रसाद और एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के नाम पर अपनी जमीन स्थानांतरित की। बाद में इस कंपनी का स्वामित्व लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों ने अपने हाथ में ले लिया था। यह भी आरोप लगाया गया है कि पटना में लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों ने पांच बिक्री सौदों, दो उपहार सौदों के माध्यम से 1,05,292 वर्ग फुट जमीन लोगों से ली। इसके लिए विक्रेताओं को नगद भुगतान करने को कहा गया। इस जमीन की कीमत वर्तमान सर्किल रेट के अनुसार 4.32 करोड़ रुपये है लेकिन लालू प्रसाद के परिवार को यह जमीन इससे बहुत कम दाम में बेची गई। साथ ही आरोप है कि नियुक्तियों के लिए रेलवे प्राधिकरण की ओर से जारी दिशानिर्देशों और आवश्यक प्रक्रियाओं को दरकिनार कर कथित लाभार्थियों की सेवाएं नियमित की गईं। बहरहाल, राष्ट्रीय जनता दल सीबीआई के सभी आरोपों को नकार रहा है और कह रहा है कि यह प्रतिशोध की राजनीति है।

दूसरी ओर, मनीष सिसोदिया की बात करें तो आपको बता दें कि दिल्ली की शराब नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को 20 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्हें तिहाड़ जेल में रखा जायेगा। सिसोदिया ने जमानत के लिए भी याचिका दी है जिस पर 10 मार्च को सुनवाई होगी। आज सिसोदिया की कोर्ट में पेशी के दौरान CBI के वकील ने कहा, "इस स्थिति में हम और सीबीआई रिमांड नहीं मांग रहे हैं लेकिन अगले 15 दिनों में हम इसकी मांग कर सकते हैं।" वहीं सिसोदिया के वकील और आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती ने कहा है कि विपश्यना सेल की उनकी मांग को न्यायालय द्वारा मंजूर किया गया और भागवत गीता, डायरी पेन व चश्मे की मांग की गई थी उसे भी माना गया है। उन्होंने कहा कि आज कोर्ट के अंदर एक अजीब सी स्थिति बनी थी जिसमें CBI के वकील ने कहा कि करते आप हैं और बदनामी हमारी हो रही है। उन्होंने कहा कि CBI ने यह मान लिया है कि मनीष सिसोदिया के पास कुछ है नहीं। प्रक्रिया के तहत 10 मार्च को जमानत आवेदन पर सुनवाई है। उन्होंने कहा कि मनीष जी ने कोर्ट में जो मांगें रखी थीं उन्हें मान लिया गया है।

इस बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पात्रा चॉल घोटाला मामले में कुछ समय पहले जेल से लौटे उद्धव ठाकरे गुट वाली शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि मोदी सरकार तालिबानी अंदाज में शासन कर रही है।

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