By एकता | May 17, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोप दौरे के अगले चरण में रविवार को स्वीडन पहुंच गए हैं। जैसे ही उनका विमान स्वीडन की हवाई सीमा में दाखिल हुआ, वैसे ही स्वीडिश वायुसेना के आधुनिक ग्रिपेन लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को चारों तरफ से घेरकर एस्कॉर्ट किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे किसी विदेशी नेता को दिए जाने वाले विशेष सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। इससे पहले पीएम मोदी के यूएई पहुंचने पर भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला था, जहां वहां की वायुसेना के एफ-16 जेट विमानों ने पीएम मोदी के विमान को सुरक्षा दी थी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 और 18 मई को स्वीडन के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। यह यात्रा स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के विशेष निमंत्रण पर हो रही है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बड़े नेता भारत और स्वीडन के बीच पुराने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे। साथ ही व्यापार, निवेश और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर गहन चर्चा की जाएगी।
भारत और स्वीडन के बीच आपसी व्यापार वर्ष 2025 में 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर के बड़े आंकड़े तक पहुंच चुका है। अब इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच पर्यावरण के ग्रीन टेक्नोलॉजी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नई उभरती तकनीकें, स्टार्टअप, मजबूत सप्लाई चेन, डिफेंस, अंतरिक्ष और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अपने इस व्यस्त दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ कार्यक्रम को भी संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे। इस मंच को यूरोप की सबसे बड़ी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रमुख दिग्गजों का एक बेहद महत्वपूर्ण समूह माना जाता है। आपको बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी वर्ष 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए स्वीडन गए थे।
जिन ग्रिपेन लड़ाकू विमानों ने आसमान में पीएम मोदी का स्वागत किया, उन्हें स्वीडन की मशहूर कंपनी 'साब' ने तैयार किया है। ये सिंगल-इंजन वाले, चौथी पीढ़ी के सुपरसोनिक मल्टी-रोल लड़ाकू विमान हैं। अपनी बेहतरीन उड़ान क्षमता, कम खर्च और दुश्मनों के रडार को चकमा देने वाली आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों के लिए पूरी दुनिया इन विमानों की ताकत को मानती है।
ये जेट्स हवा से हवा में लड़ाई करने के साथ-साथ जासूसी करने और आसमान से बमबारी करने जैसे सभी तरह के सैन्य अभियानों को बखूबी अंजाम दे सकते हैं। इनमें फ्लाई-बाय-वायर फ्लाइट कंट्रोल, डेल्टा विंग और अत्याधुनिक रडार सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इनका रखरखाव इतना आसान और बेहतर है कि युद्ध के मैदान में भी इस विमान का इंजन महज एक घंटे के भीतर बदला जा सकता है।