केंद्र ने SC से कहा- 'एक देश एक राशन कार्ड' को लेकर आप सरकार का दावा भ्रामक

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 15, 2021

नयी दिल्ली। केंद्र ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का ‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड’ (ओएनओआरसी) योजना लागू करने संबंधी दावा भ्रामक है क्योंकि इस योजना का पूरी तरह क्रियान्वयन नहीं होने के कारण दिल्ली में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत सब्सिडी वाला खाद्यान्न नहीं ले पा रहे। केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत के समक्ष दायर हलफनामे में कहा कि आप सरकार ने केवल सर्कल 63 सीमापुरी में एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड योजना लागू की है। शपथपत्र में कहा गया है, ‘‘यह अभिवेदन दिया गया है कि दिल्ली में एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड(ओएनओआरसी) योजना शुरू करने के संबंध में दिल्ली सरकार का दावा भ्रामक है। उनका दावा है कि इसे केवल सर्कल 63 सीमापुरी में लागू किया गया है। केवल एक सर्कल में लगभग 42 ईपीओएस मशीनों के साथ किए गए कुछ मुट्ठी भर लेनदेन ओएनओआरसी का क्रियान्वयन नहीं माने जा सकते।’’ उसमें कहा गया है, ‘‘इसके अलावा, एनसीटी दिल्ली के सभी सर्किल की उचित मूल्य की सभी दुकानों में जब तक राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी लेनदेन औपचारिक रूप से शुरू नहीं किया जाता है, तब तक इसे ओएनओआरसी का क्रियान्वयन नहीं माना जा सकता। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में 2000 से अधिक इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ईपीओएस) मशीनों की आपूर्ति की गई है, जिन्हें अभी संचालित किया जाना है।’’ 

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केंद्र ने कहा कि पूरी दिल्ली में बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से आए प्रवासी मौजूद हैं, जो एनएफएसए के तहत अपना खाद्यान्न प्राप्त नहीं कर पा रहे, वे अपने गांवों / गृहनगर से दूर होने के कारण सब्सिडी वाले खाद्यान्न के अपने कोटे का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं और इसका कारण ओएनओआरसी के पूर्ण कार्यान्वयन का अभाव है। उसने कहा कि ओएनओआरसी योजना लागू करने की जिम्मेदारी राज्यों की है। केंद्र ने कहा कि अधिकांश राज्य ओएनओआरसी लागू कर रहे हैं, लेकिन चार राज्यों - असम, छत्तीसगढ़, दिल्ली और पश्चिम बंगाल - ने अभी तक यह योजना लागू नहीं की है और यह राशन कार्ड की पोर्टेबिलिटी को लागू करने के लिए उनकी ‘‘तकनीकी तत्परता’’ पर निर्भर करेगा। केंद्र ने कहा कि उसने उन सभी लाभार्थियों के लिए खाद्यान्न की योजना का विस्तार किया है, जो एनएफएसए के तहत कवर नहीं हैं और जिन्हें राज्य सरकारों द्वारा हर महीने प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम खाद्यान्न देने की उनकी योजना के तहत राशन कार्ड जारी किए गए हैं। हलफनामे में कहा गया है, ‘‘सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 20 मई, 2021 और 25 मई, 2021 को खाद्यान्न संबंधी अपनी आवश्यकताओं के अनुसार उल्लिखित योजनाओं का लाभ उठाने और प्रवासियों / फंसे हुए लोगों सहित उन लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की सलाह दी गई थी, जो एनएफएसए के तहत कवर नहीं होते।’’ 

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