By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 15, 2021
केंद्र ने कहा कि पूरी दिल्ली में बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से आए प्रवासी मौजूद हैं, जो एनएफएसए के तहत अपना खाद्यान्न प्राप्त नहीं कर पा रहे, वे अपने गांवों / गृहनगर से दूर होने के कारण सब्सिडी वाले खाद्यान्न के अपने कोटे का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं और इसका कारण ओएनओआरसी के पूर्ण कार्यान्वयन का अभाव है। उसने कहा कि ओएनओआरसी योजना लागू करने की जिम्मेदारी राज्यों की है। केंद्र ने कहा कि अधिकांश राज्य ओएनओआरसी लागू कर रहे हैं, लेकिन चार राज्यों - असम, छत्तीसगढ़, दिल्ली और पश्चिम बंगाल - ने अभी तक यह योजना लागू नहीं की है और यह राशन कार्ड की पोर्टेबिलिटी को लागू करने के लिए उनकी ‘‘तकनीकी तत्परता’’ पर निर्भर करेगा। केंद्र ने कहा कि उसने उन सभी लाभार्थियों के लिए खाद्यान्न की योजना का विस्तार किया है, जो एनएफएसए के तहत कवर नहीं हैं और जिन्हें राज्य सरकारों द्वारा हर महीने प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम खाद्यान्न देने की उनकी योजना के तहत राशन कार्ड जारी किए गए हैं। हलफनामे में कहा गया है, ‘‘सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 20 मई, 2021 और 25 मई, 2021 को खाद्यान्न संबंधी अपनी आवश्यकताओं के अनुसार उल्लिखित योजनाओं का लाभ उठाने और प्रवासियों / फंसे हुए लोगों सहित उन लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की सलाह दी गई थी, जो एनएफएसए के तहत कवर नहीं होते।’’