By दिनेश शुक्ल | May 19, 2021
भोपाल। मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में लगातार केंद्र की मोदी सरकार कोविड संक्रमण को ध्यान में रखकर आवश्यक संसाधन भेज रही है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत अब यहां वेंटिलेटर सहित आईसीयू बेड 200 और गैर आईसीयू ऑक्सीजन बेड 300 की संख्या में भेजे गए हैं।
इस संबंध में बुधवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के माध्यम से विस्तार से बताया गया। इसमें जानकारी दी गई कि पीएमएसएसवाई योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वंचित राज्यों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के सपने को पूरा करने के लिए एक नया प्रोत्साहन मिला और प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत कई नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) स्थापित किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत अब तक 22 नए एम्स की स्थापना को मंजूरी दी गयी है, जिनमें से भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर, पटना, रायपुर और ऋषिकेश में छह एम्स पहले से ही पूरी तरह से काम कर रहे हैं। अन्य सात एम्स में ओपीडी की सुविधा और एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू हो गई हैं जबकि पांच अन्य संस्थानों में केवल एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू हुई हैं।
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत स्थापित किए गए या स्थापित किए जा रहे इन क्षेत्रीय एम्स ने पिछले साल की शुरुआत में महामारी की शुरुआत से ही कोविड के प्रबंधन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। उनका योगदान इस लिहाज से महत्वपूर्ण हो जाता है कि वे उन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं जहां स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा कमजोर था।
इन संस्थानों ने अपनी जिम्मेदारी पर खरा उतरते हुए मध्यम और गंभीर रूप से बीमार कोविडमरीजों के इलाज के लिए बिस्तर क्षमता का विस्तार करके कोविड-19 की दूसरी लहर की चुनौती का भी सराहनीय जवाब दिया है। अप्रैल 2021 के दूसरे सप्ताह से, इन संस्थानों में 1,300 से अधिक ऑक्सीजन बेड और कोविड के इलाज के लिए समर्पित लगभग 530आईसीयूबेड जोड़े गए हैं और लोगों के लिए उपलब्ध ऑक्सीजन और आईसीयूबेड की वर्तमान उपलब्धता क्रमशः लगभग 1,900 और 900 है। जिसमें कि भोपाल एम्स को केंद्र ने वेंटिलेटर सहित आईसीयू बेड 200 और गैर आईसीयू ऑक्सीजन बेड 300 की संख्या में भेजे हैं।