आतंकवाद पर भारत सरकार का बड़ा प्रहार: केंद्र ने UAPA के तहत जैश और लश्कर से जुड़े 23 आतंकियों को किया ब्लैकलिस्ट

By रेनू तिवारी | Jul 04, 2026

जम्मू-कश्मीर में सीमा-पार से संचालित हो रहे आतंकी नेटवर्क की कमर तोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार (4 जुलाई, 2026) को एक आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी करते हुए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 23 पाकिस्तान स्थित अपराधियों को 'आतंकवादी' घोषित कर दिया है। ये सभी आतंकी पाकिस्तान में बैठकर लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) जैसे खूंखार संगठनों के लिए काम कर रहे हैं। गृह मंत्रालय ने कहा कि ये लोग कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर में आतंकी भर्ती, घुसपैठ, ट्रेनिंग, ड्रोन के ज़रिए हथियार सप्लाई करने और हमलों की योजना बनाने में शामिल थे।

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गृह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन में सईद के करीबी सहयोगियों की पहचान अब्दुल रऊफ़, हाफ़िज़ खालिद वलीद और राणा इफ़्तिखार के तौर पर की है। गृह मंत्रालय ने कहा, "54 साल के राणा इफ़्तिखार जिहादी विरोधी संगठनों के बीच तालमेल बिठाते हैं, युवाओं को आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उकसाते हैं और हाफ़िज़ सईद के करीबी सहयोगी हैं। 52 साल के अब्दुल रऊफ़, जो LeT और जमात-उद-दावा से जुड़े हैं, आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने और तालमेल बिठाने, फ़ंड इकट्ठा करने में शामिल हैं और हाफ़िज़ मुहम्मद सईद की सीधी कमान में LeT के मुख्य आतंकवादियों में से एक हैं।"

गृह मंत्रालय का आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें

केंद्र का यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कई सुरक्षा और जांच एजेंसियां ​​सीमा पार के उन आतंकी नेटवर्क पर नज़र रख रही हैं, जिन पर जम्मू-कश्मीर में उग्रवादी गतिविधियों को जारी रखने के लिए ड्रोन, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफ़ॉर्म और ऑनलाइन भर्ती चैनलों का इस्तेमाल करने का आरोप है।

घोषित आतंकवादियों के बारे में सब कुछ जानें:

मसूद इलियास कश्मीरी (JeM) का नाम 2022 में सुंजवान आर्मी कैंप पर हुए हमले की साज़िश से जुड़ा है।

मुहम्मद मुसद्दिक (JeM) पर सुंजवान हमले के लिए घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों में तालमेल बिठाने का आरोप है। मुफ़्ती मोहम्मद असगर खान की पहचान 2016 के नगरोटा आर्मी कैंप हमले से जुड़े घुसपैठ नेटवर्क के एक मुख्य संचालक के तौर पर की गई है।

हाफ़िज़ अब्दुल शकूर पर आरोप है कि उसने 2016 के नगरोटा हमले से पहले स्थानीय नेटवर्क से संपर्क बनाए रखा और घुसपैठ में मदद की।

अब्दुल्ला जिहादी (शाह नवाज़/अल हिजामा) पर नगरोटा हमले में शामिल आतंकवादियों की मदद करने और JeM के कई कैंप चलाने का आरोप है।

फ़िरदौस अहमद भट (LeT) का संबंध घुसपैठ और लॉजिस्टिकल सपोर्ट से रहा है; उसे लश्कर के लिए 'लॉन्चिंग कमांडर' के तौर पर पहचाना गया है।

बिलाल अहमद मीर, उर्फ़ अहमद भाई (LeT/TRF) पर सीमा पार आतंकी गतिविधियों की साज़िश रचने और लश्कर व TRF के लिए हथियार सप्लाई करने का आरोप है।

इस नोटिफ़िकेशन में कुल 23 लोगों के नाम हैं जो अलग-अलग आतंकी गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। सरकार के मुताबिक, ये सभी लोग आतंकवादियों की भर्ती, ट्रेनिंग, फ़ंडिंग, हथियार सप्लाई, घुसपैठ और आतंकी हमलों को अंजाम देने जैसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं।

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