By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 20, 2021
नयी दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा घर-घर राशन पहुंचाने की योजना शुरू करने से पांच दिन पहले ही गतिरोध उत्पन्न हो गया है। केंद्र ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार से योजना नहीं लागू करने को कहा क्योंकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सब्सिडी के आधार पर जारी खाद्यान्न का इसके लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी ने यह जानना चाहा है कि केंद्र सरकर क्यों ‘राशन माफिया को खत्म’ करने के खिलाफ है और योजना को लागू करने से महज कुछ दिन पहले केंद्र के फैसले को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया।
इसमें कहा गया है कि हालांकि, अगर दिल्ली सरकार अपनी अलग योजना लाती है और उसमें एनएफएसए को नहीं मिलाया जाता है तो केंद्र को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी। अधिकारी ने दिल्ली सरकार की 20 फरवरी की अधिसूचना का हवाला दिया है जो पीडीएस के तहत घर घर राशन की डिलीवरी कराने की मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना (एमएमजीजीआरवाई) के नाम से राज्य की विशिष्ट योजना है। आप ने कहा कि यह दुखद है कि केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार से मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना रोकने को कहा है। आप के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने सामाजिक कल्याण योजना को लागू करने के लिए केंद्र से एक पैसा नहीं लिया है।