Ports और Harbour प्रोजेक्ट्स के लिए Environmental Clearance की वैधता बढ़कर हुई 20 साल

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 22, 2026

पर्यावरण मंत्रालय ने बंदरगाहों, ‘हार्बर’, ‘ब्रेकवाटर’ और ‘ड्रेजिंग’ परियोजनाओं के लिए दी जाने वाली पर्यावरण मंजूरी की वैधता अवधि मौजूदा 10 साल से बढ़ाकर 20 साल कर दी है। ‘हार्बर’ जहाजों के सुरक्षित ठिकाने को कहा जाता है जबकि ‘ब्रेकवाटर’ तेज लहरों से बंदरगाह, तट या जहाजों को बचाने के लिए समुद्र में बनाई गई सुरक्षा दीवार या संरचना को कहते हैं। ‘ड्रेजिंग’ समुद्र, नदी या बंदरगाह के तल से मिट्टी, गाद, रेत और अन्य जमा सामग्री को निकालने की प्रक्रिया को कहा जाता है।

बदलावों से संबंधित अधिसूचना सोमवार को जारी की गयी, जिसमें मंत्रालय ने कहा कि बंदरगाह और हार्बर परियोजनाओं के लंबे निर्माण समय और चरणबद्ध विकास की विशेषताओं के कारण यह निर्णय लिया गया। इस कदम पर कांग्रेस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि नवीनतम संशोधन ग्रेट निकोबार में प्रस्तावित ट्रांसशिपमेंट पोर्ट के लिए किया गया है जो पूरी संभावना है कि एक मोडाणी (मोदी-अदाणी) उद्यम होगा।

प्रमुख खबरें

Delhi Jahangirpuri में कर्मचारी से 90 लाख की 35 किलो चांदी की लूट

Karnataka Lokayukta ने 8 अफसरों के 33 ठिकानों पर की छापेमारी, करोड़ों की संपत्ति का हुआ खुलासा

CAPF में IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति जरूरी, केंद्र सरकार ने Supreme Court में दाखिल किया हलफनामा

UP Assembly Election 2027: गठबंधन में नेतृत्व को लेकर SP और Congress सांसदों में तकरार