By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 06, 2026
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर केंद्र सरकार ने नए ग्रामीण रोजगार ढांचे के तहत 375 तरह के कार्यों को अधिसूचित किया है। इसमें आजीविका से जुड़े बुनियादी ढांचे, जल सुरक्षा और आपदा की तैयारी पर अधिक जोर दिया गया है। इसके साथ ही पिछले योजना ढांचे की तुलना में अनुमत कामों की सूची में 41 प्रतिशत का विस्तार हुआ है।
मंत्रालय ने कहा कि आजीविका से जुड़े काम कुल कार्यों का 26 प्रतिशत होंगे जबकि पिछले ढांचे में इनकी हिस्सेदारी 1.1 प्रतिशत थी। इनमें सफाई, ग्रेडिंग व पैकेजिंग इकाइयां, छोटी आटा मिलें, मंडियां, डेयरी से जुड़ा बुनियादी ढांचा, मशरूम उत्पादन के लिए ‘शेड’ (छप्पर) और जलीय कृषि से जुड़ी संरचनाएं शामिल हैं। स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और उनके संघों के लिए बुनियादी ढांचे को भी इसमें शामिल किया गया है।
इनमें एसएचजी के लिए कार्यशालाएं और एसएचई मार्ट के साथ-साथ प्रशिक्षण एवं कौशल विकास केंद्र शामिल हैं। जल सुरक्षा सबसे बड़ी श्रेणी बनी हुई है। इसमें चेक डैम, भूजल पुनर्भरण शाफ्ट, नदियों और जलधाराओं का पुनर्जीवन, जलभराव वाली भूमि का सुधार तथा वर्षा जल संचयन जैसे काम शामिल हैं।
नई सूची में जल संरक्षण के लिए ‘ड्रिप’ सिंचाई, ‘स्प्रिंकलर’ प्रणाली और कृत्रिम ग्लेशियर जैसी पहल भी शामिल हैं। मूल बुनियादी ढांचे की श्रेणी में सौर स्ट्रीट लाइट, कचरा पुनर्चक्रण संयंत्र, ग्रे-वॉटर उपचार इकाइयां, ग्रामीण पुस्तकालय, पशु चिकित्सा एवं ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ तथा सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं और प्रयोगशालाएं शामिल हैं। जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति बुनियादी ढांचे की मरम्मत और रखरखाव को भी इसके दायरे में रखा गया है।
मंत्रालय ने कहा कि पहली बार आपदा की तैयारी और अत्यधिक मौसम संबंधी घटनाओं के लिए एक अलग श्रेणी बनाई गई है। इसके तहत 38 काम शामिल हैं जिनमें बाढ़ राहत आश्रय, तटबंधों को मजबूत करना, बाढ़ से बचाव, आपदाओं के बाद ग्रामीण सड़कों और सामुदायिक परिसंपत्तियों की बहाली तथा जंगलों में आग से बचाव के उपाय शामिल हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि 181 काम कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों से संबंधित हैं, जिनमें 52 व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए किए जाने वाले काम शामिल हैं।
इसके अलावा 107 काम अंत्योदय एवं कमजोर परिवारों के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 68 व्यक्तिगत लाभार्थी काम हैं। सूची में महिलाओं और युवाओं से जुड़े 36-36 काम भी शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि काम स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से तय किए जाएंगे और ग्राम सभा से मंजूरी ली जाएगी।
इनकी डिजिटल निगरानी विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण बुनियादी ढांचे के जरिये की जाएगी। वीबी-जी राम जी अधिनियम इस साल एक जुलाई से लागू हुआ। इसने मनरेगा की मांग आधारित रोजगार व्यवस्था की जगह नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सालाना 125 दिनों का गारंटी रोजगार का प्रावधान है।
इसमें अधिकतर राज्यों के लिए केंद्र एवं राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में वित्त पोषण का प्रावधान भी किया गया है। केंद्र राज्यवार मानक आवंटन तय करेगा और राज्यों को आवंटित राशि से अधिक होने वाले खर्च का वहन करना होगा। विपक्ष ने योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने पर आपत्ति जताई थी।
साथ ही बदली हुई वित्त पोषण व्यवस्था, आवंटन की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने चिंता भी जताई थी।